हरियाणा सरकार ने यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए गए कृषि विभाग के उप निदेशक विरेंद्र देव आर्य को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेन्द्र कुमार ने उन्हें सेवा से हटाने का आदेश जारी किया।
आर्य पर जब आरोप लगा था तो उस समय वह पानीपत (अब सोनीपत) में उप निदेशक कृषि के पद पर तैनात थे। आर्य के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वे अनुबंध पर कार्यरत महिला कर्मचारियों का शोषण करते थे और नौकरी से हटाने की धमकी देकर दबाव बनाते थे मगर कोई महिला सामने नहीं आई थी।
छह दिसंबर 2017 को सहायक तकनीकी प्रबंधक के पद पर तैनात एक महिला से अभद्रता की, जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला और छेड़छाड़ की कोशिश की।
आरोप सही पाए गए, चार साल पहले किया गया था निलंबित
शिकायत मिलने पर पानीपत के तत्कालीन उपायुक्त ने मामले की जांच जिला स्तरीय आंतरिक शिकायत समिति को सौंपी। समिति ने आरोपों को सही पाया। इसके बाद सरकार ने अक्तूबर 2022 में आर्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जनवरी 2023 में हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के तहत उनके खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र जारी किया गया। विभागीय जांच के लिए सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी सत प्रकाश को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। उन्होंने अप्रैल 2024 में अपनी जांच पूरी कर आरोपों को सही माना। विभागीय कार्रवाई के खिलाफ आर्य ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, जुलाई 2026 में उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली। इसके बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया।
पीड़िता को तीन दिन का वेतन देने की भी सिफारिश
मामले की जांच के दौरान आंतरिक शिकायत समिति ने पीड़ित महिला कर्मचारी के संबंध में यह भी पाया था कि उसे 21 नवंबर 2017, 6 दिसंबर 2017 और 13 दिसंबर 2017 को गलत तरीके से अनुपस्थित दिखाया गया था। समिति ने इन तीन दिनों का वेतन उसे देने की सिफारिश की थी।