65,707 सैंपल की हुई जांच, 1.73 लाख घरों में डेंगू का लारवा मिला
सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए 255 वार्ड आरक्षित
सबसे ज्यादा केस रेवाड़ी, रोहतक, करनाल, सोनीपत, गुरुग्राम और पंचकूला में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में डेंगू के केस एक हजार पार हो गए हैं। प्रदेश में अब तक डेंगू की जांच के लिए 65,707 सैंपल लिए जा चुके हैं जिनमें 1041 मामलों की पुष्टि हुई है। हालांकि डेंगू से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है। इनमें रेवाड़ी में 243, रोहतक में 86, करनाल में 86, सोनीपत में 70, गुरुग्राम में 55 और पंचकूला में 54 केस आ चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया, डेंगू की जांच के लिए लगातार परीक्षण किए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में फ्री जांच की जा रही है जबकि प्राइवेट अस्पतालों के लिए भी मात्र 600 रुपये की फीस निर्धारित की गई है। ब्लॉक स्तर पर सीएचसी व पीएचसी में ब्लड सैंपलिंग शुरू की गई है। इसके लिए 27 टेस्टिंग लैब्स सक्रिय हैं। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में 255 वार्ड और 1091 बेड डेंगू रोगियों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, राज्य के लोगों के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त प्लेटलेट्स (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स ) की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर सरकार निजी ब्लड बैंक से भी मुहैया करवाएगी। प्रदेश में डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है, सरकार लगातार निगरानी कर रही है। स्वास्थ्य विभाग अब तक 3.17 करोड़ घरों का सर्वेक्षण कर चुकी है जिसमें 1.73 लाख घरों में डेंगू का लारवा मिला और तुरंत उसको नष्ट कर दिया गया। अब तक 87,143 घरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। से बचाव के लिए राज्य में अब तक 7874 स्थानों पर फॉगिंग की गई है।
28 मोबाइल फूड सेफ्टी टेस्टिंग वैन की होगी खरीद
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, सरकार जल्द ही 28 मोबाइल फूड सेफ्टी टेस्टिंग वैन खरीदने जा रही है। इससे एनसीआर में पड़ने वाले हरियाणा के 14 जिलों में नकली खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी। साथ ही केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है जिसमें 5 एफएसएसएआई लैब और 3 एनसीआरपीबी लैब स्थापित करने की मांग की गई है। त्योहारी सीजन देखते हुए सरकार लगातार मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चला रही है। जगह-जगह सैंपल लिए जा रहे हैं। अक्तूबर 2024 से लेकर अब तक खाद्य पदार्थों के 3682 सैंपल लिए गए है जिनमें से 606 सैंपल फेल हुए हैं। जो सैंपल फेल हुए हैं उनके खिलाफ एडीसी -कम-एडजुडिकेटिंग-ऑफिसर की कोर्ट में केस दायर किए गए हैं। अब तक खराब खाद्य सामग्री बेचने वालों पर 1 करोड़ 10 लाख 56 हजार का जुर्माना भी किया जा चुका है।