हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को मांगपत्र पर फैसला लेने का आदेश
जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने जारी किया निर्देश
चंडीगढ़। सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने वालों पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार, पंजाब सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन को याची की ओर से सौंपे गए मांगपत्र पर निर्णय लेने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी दीप्ति सिंह ने एडवोकेट रंजन लखनपाल के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। याची ने हाईकोर्ट को बताया कि सार्वजनिक स्थान पर सिगरेट पीने वालों के कारण पैसिव स्मोकर गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। सिगरेट न पीने पर भी उन्हें कानून तोड़ने वालों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
याची ने बताया कि चंडीगढ़ में आकर लोगों को कानून तोड़ने पर ट्रैफिक चालान का भुगतान करना पड़ता है, यह तो सभी जानते हैं, लेकिन सिगरेट पीने के मामले में ऐसा नहीं है। हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। केंद्र सरकार ने इसके लिए 2003 में एक्ट भी पास किया था, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीने पर क्या दंडात्मक प्रावधान हैं। इस पर याची ने बताया कि 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। हाईकोर्ट ने कहा कि जुर्माना राशि बहुत कम है, इसे बढ़ाने पर विचार किया जाना चाहिए। कानूनी प्रावधान पहले से मौजूद हैं, ऐसे में इस याचिका को लंबित रखने का कोई मतलब नहीं है।