- एचईआरसी ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट 43 हस्तक्षेपकर्ताओं को भेजने के दिए निर्देश, 15 सितंबर तक सुझाव देने का समय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नूंह और गुरुग्राम राजस्व जिलों में निजी कंपनी को बिजली वितरण का लाइसेंस देने के मामले में हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने वीरवार को 4 घंटे सुनवाई के बाद अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया है। आयोग ने विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर 43 हस्तक्षेपकर्ताओं से 15 सितंबर तक आपत्ति, सुझाव व टिप्पणी मांगी है। इसके बाद ही मामले में निर्णय लिया जाएगा। सुनवाई के दौरान निजीकरण का विरोध करने वाली कर्मचारी यूनियनों के गठित संयुक्त मोर्चा के सदस्यों ने आयोग के दफ्तर के सामने धरना-प्रदर्शन भी किया। इस दौरान पुलिस ने पूरी घेराबंदी कर रखी थी।
आयोग के समक्ष इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड ने विद्युत अधिनियम 2003 के तहत नूंह और गुरुग्राम के लिए बिजली वितरण लाइसेंस देने की याचिका दायर की थी। मामले में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम पक्षकार हैं। 8 जुलाई को हुई सार्वजनिक सुनवाई में आयोग ने याचिकाकर्ता, बिजली निगमों और अन्य पक्षों की दलीलें सुनी थीं। इसके बाद 9 जुलाई को आयोग ने मामले के तकनीकी और अन्य पहलुओं की जांच में सहायता के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की थी। रिपोर्ट मिलने के बाद बिजली निगमों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
आयोग ने बताया कि लाइसेंस आवेदन पर 30 मई को समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना जारी कर 30 दिन में आपत्तियां मांगी गई थीं। निर्धारित अवधि में 43 लोगों ने टिप्पणियां दीं, जबकि 534 हस्तक्षेपकर्ताओं ने समय सीमा के बाद आवेदन दिए। आयोग ने कहा कि देर से मिली टिप्पणियां विचार योग्य नहीं हैं। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद, अखिल भारतीय विद्युत अभियंता महासंघ और हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने भी विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की थी। आयोग ने 43 हस्तक्षेपकर्ताओं को रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। 15 सितंबर के बाद कोई आपत्ति स्वीकार नहीं होगी। सुनवाई पूरी कर आदेश सुरक्षित रख लिया गया है।
ऊर्जा विभाग ने जताया विरोध : विज
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि इस मामले में गठित समिति की रिपोर्ट आने के बाद ऊर्जा विभाग की तरफ से पक्ष मांगा गया था। इसको लेकर सुनवाई से एक दिन पहले ही विभाग की तरफ से आयोग में निजीकरण के खिलाफ आपत्ति जताई जा चुकी है। आपत्ति में कहा गया कि गुरुग्राम-नूंह में बिजली वितरण से सबसे ज्यादा लाभ है। इसको निजी हाथों में देना ठीक नहीं है।