विधायकों ने बाढ़-बारिश का पानी भरने से बर्बाद फसलों का मुआवजा देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। शून्य काल में भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने दलील दी कि कलेक्टर रेट में असमानता के चलते सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऐसा कानून लाए जिसमें लड़के-लड़कियों को शादी के लिए माता-पिता से अनुमति लेना जरूरी हो। उन्होंने कहा, लड़के-लड़कियां घर से भाग रहे हैं और इससे दुखी होकर मां-बाप आत्महत्या कर रहे हैं।
कलानौर से कांग्रेस विधायक शंकुलता खटक ने कलानौर को उपमंडल का दर्जा देने की मांग की। उनका कहना था कि कलानौर को उपमंडल का दर्जा देने की घोषणा की गई थी फिर बाद में उसे वापस ले लिया गया। वहीं उन्होंने जलभराव और खराब पानी सप्लाई का मुद्दा भी उठाया। भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप ने पंचायतों में मालिकाना हक देने की पैरवी की। करनाल से भाजपा विधायक जगमोहन आनंद ने स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने का मुद्दा उठाते हुए मेडिकल सीटें बढ़ाने की मांग की। शाहाबाद से कांग्रेस विधायक रामकरण काला ने भी मारकंडा नदी से गांवों में जलभराव का मुद्दा उठाते हुए मुआवजा देने की मांग की। बावल से भाजपा विधायक डॉ. कृष्ण कुमार ने भी किसानों को मुआवजा देने की मांग उठाई।
सीएम आवास जाने वाली सड़क पर 500 गड्ढे
थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने बदहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा था कि जून में सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा। मगर काम सिर्फ कागजों में हुआ है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में सीएम आवास की ओर से आने वाली सड़क में 500 से ज्यादा गड्ढे हैं।
अध्यक्ष से उलझे दादा गौतम
शून्यकाल के दौरान समय खत्म होने के बाद भी दादा गौतम बोलते रहे। इस पर हरविंद्र कल्याण ने उन्हें टोका तो वह उनसे उलझ गए। विधायक गौतम ने तंज कसते हुए कहा, जब सदन में किसी बात को लेकर छींटाकशी चलती है तो आप पूरे आनंद के साथ सुनते हैं। आरोप-प्रत्यारोप के दौरान उसे कार्यवाही से हटा दिया जाता है। इस पर स्पीकर नाराज हो गए। उन्होंने गौतम से कहा कि यह रिकॉर्ड में लिया जा रहा है। आपको जो कहना नोटिस दीजिए।