साइकिल चलाने से टखने व घुटने की मांसपेशियां मजबूत होती हैं
दिल के मरीजों को साइकिल चलाने से पहले हृदय रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बढ़ती उम्र के साथ अक्सर लोगों का चलना-फिरना दूभर हो जाता है। एक कदम चलना भी एवरेस्ट की चढ़ाई जैसा मालूम पड़ता है। यह स्थिति तब बनती है जब घुटने के जोड़ को सहारा देने वाला कार्टिलेज घिस जाता है। नतीजा, हड्डियां आपस में रगड़ती हैं, जिसका दर्द काफी असहनीय होता है। आखिर में घुटना ट्रांसप्लांट कराने के अलावा दूसरा रास्ता नहीं बचता। अब सवाल है कि घुटने को कैसे सुरक्षित रखा जाए। विशेषज्ञ कहते हैं कि साइकिल चलाकर इस समस्या से बचा जा सकता है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ
डॉ. रवि गुप्ता ने बताया कि दौड़ने व टहलने से अच्छा है कि रोज 25-30 मिनट साइकिल चलाएं। जिसकी जितनी क्षमता हो, उसे उतनी साइकिल चलानी चाहिए। यूं कहें कि जब आपकी सांस फूलने लगे और एक सांस में आप पूरा वाक्य न बोल पाएं तब तक साइकिल चलाएं। यदि कोई मरीज रोज इतनी साइकिल चलाता है तो उसका सिर्फ घुटना ही नहीं बल्कि टखना और कूल्हा भी फिट रहता है। साइकिल चलाने से इन तीनों के आसपास की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। मगर साइकिल चलाते समय सबसे पहले सुरक्षा देखनी चाहिए। सड़क पर काफी ट्रैफिक रहता है। कोशिश करें कि साइकिल ट्रैक पर ही साइकिल चलाएं। दिल के मरीजों को साइकिल चलाने से पहले हृदय रोग विशेषज्ञ से राय लेनी चाहिए।
40 मिनट साइकिल चलाने से तंदुरुस्त रहता है दिल
पीजीआई चंडीगढ़ के फिजियोथेरेपी सेक्शन के डॉ. बिबेक अध्या कहते हैं कि साइकिल चलाने से शरीर को चार बड़े फायदे होते हैं। कई शोधों में साबित हो चुका है कि साइकिल चलाने से हड्डियों के जोड़ों और मांसपेशियों की क्षमता बढ़ती है। इससे जोड़ मजबूत होते हैं और चलने-फिरने और बैठने में ताउम्र दिक्कत नहीं आती। यदि कोई व्यक्ति रोजाना 40 मिनट से एक घंटे तक साइकिल चलाता है तो उसके हृदय की स्थिति भी बेहतर होती है। साथ ही मोटापा भी कम होता है। डॉ. अध्या कहते हैं कि घुटना व कूल्हा ट्रांसप्लांट कराने के बाद भी लोगों की जिंदगी में काफी बदलाव हो जाते हैं। ट्रांसप्लांट में पैसा काफी खर्च होता है। इसके बाद भी लोग पैर मोड़कर बैठ नहीं पाते और सीढ़ियां चढ़ना आसान नहीं होता।
जरूरी नहीं है कि महंगी साइकिल चलाएं
विशेषज्ञ बताते हैं कि कोरोना दौर के बाद लोगों में साइकिल चलाने का चलन बढ़ा है। कई लोगों का झुकाव महंगी साइकिल की ओर ज्यादा रहता है। व्यायाम के लिहाज से लोग सामान्य साइकिल भी चला सकते हैं। महंगी साइकिल खरीदने की जरूरत नहीं है। सामान्य साइकिल को 30 मिनट चलाकर शरीर को फिट रखा जा सकता है।
साइकिल चलाने के और फायदे
रक्त का संचार बेहतर होता है
ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है
फेफड़े मजबूत होते हैं
हार्ट व ब्रेन अटैक का खतरा कम होता है
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
वजन नियंत्रित रहता है
तनाव का खतरा कम रहता है