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Haryana: अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान गिरफ्तार, विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर की थी टिप्पणी

Sun, 18 May 2025 01:19 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा के सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अली खान ने ऑपरेशन सिंदूर की रोज प्रेस ब्रीफिंग करने वालीं कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
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विंग कमांडर व्योमिका सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान के खिलाफ भारत के आपरेशन सिंदूर की रोज प्रेस ब्रीफिंग करने वालीं कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को सोनीपत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने गांव जठेड़ी के सरपंच का बयान दर्ज किया, उसके बाद सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। 

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अपने बयान में सरपंच ने बताया कि सोशल मिडिया पर एक दोनों महिला सैन्य अधिकारी और सेना के खिलाफ एक आपत्तिजनक बयान पढ़ा था, जो सहायक प्रोफेसर महमूदाबाद की  तरफ से किया गया था। इस मामले में राज्य महिला आयोग की तरफ से डीजीपी को शिकायत दी गई थी। राज्य महिला आयोग ने मध्य प्रदेश में एक मंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट के टिप्पणी का हवाला देकर महमूदाबाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। 

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने बताया कि सबसे पहले अशोक यूनिवर्सिटी का सहायक प्रोफेसर 10 बजे तक आयोग के दफ्तर भी नहीं पहुंचा था।  जबकि सहायक प्रोफेसर को 10.30 बजे से 12 बजे तक दफ्तर पहुंचने का समय दिया गया है। 
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महिला आयोग ने टिप्पणी को स्वत संज्ञान लेते हुए सोनीपत की अशोका यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को 48 घंटे में दफ्तर में पेश होने का निर्देश दिया था। महमूदाबाद ने इन दोनों सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ सेना के नियमों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। 

आयोग ने अपने आदेश में लिखा है कि महमूदाबाद के सार्वजनिक बयान व टिप्पणियों से सशस्त्र बलों में महिलाओं का कथित रूप से अपमान हुआ है। इनसे सांप्रदायिक टकराव को बढ़ावा दिया गया है। महमूदाबाद के आचरण, टिप्पणियों और बयानों ने महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान से संबंधित गंभीर चिंताएं उत्पन्न की हैं। पहलगाम में आतंकवादी हमले पर भारत की सैन्य प्रतिक्रिया और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में सोशल मीडिया व अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उन्होंने आपत्तिजनक बयान प्रसारित किए हैं। यह 7 मई और उसके आसपास हुआ है।

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