चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में हरियाणा म्युनिसिपल (नगर निकाय) विधेयक-2025 भी पारित कर दिया गया। इस विधेयक में तकनीकी ताैर पर कुछ बिंदुओं पर विरोधाभास होने की बात कही। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता और निकाय कानूनों के विशेषज्ञ हेमंत कुमार का कहना है कि नए पारित हरियाणा नगर निकाय विधेयक-2025 में स्पष्ट उल्लेख है कि किसी जिले के मुख्यालय पर नगर निकाय, इसकी जनसंख्या को ध्यान में रखे बिना एक नगर परिषद होगी।
हेमंत ने बताया कि उपरोक्त उल्लेख का सरल भाषा में अर्थ यही निकलता है कि हरियाणा के हर जिला मुख्यालय पर, बेशक वहां की जनसंख्या कितनी हो, वहां म्युनिसिपल कांउसिल यानि नगर परिषद ही होगी। अब ऐसा उल्लेख क्यों और किस उद्देश्य से किया गया है यह निकाय विभाग ही स्पष्ट कर सकता है। वर्तमान में हरियाणा में स्थापित कुल 11 नगर निगमों में से 10 यानी अंबाला, फरीदाबाद, हिसार, गुरुग्राम, करनाल, पंचकूला, पानीपत, रोहतक, सोनीपत और यमुनानगर जिला मुख्यालयों पर हैं जबकि एक अन्य मानेसर नगर निगम गुरुग्राम जिले के तहत पड़ने वाली मानेसर उप-मंडल (सब डिवीजन) मुख्यालय पर है।