-12 नवंबर से 11 दिसंबर तक लोकतंत्र बचाने का जिलावार अभियान शुरू करेगी कांग्रेस, चार फैसलों पर लगी मुहर
पार्टी के नेताओं ने कहा-ईवीएम की कार्यप्रणाली संदिग्ध रही, प्रशासनिक तंत्र ने प्रदेश में भाजपा को लाभ पहुंचाया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा और चुनाव आयोग की कथित मिलीभगत से हुई वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने अब खुला मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली में बैठक के दौरान इन गंभीर मुद्दे को जनता की अदालत तक लेकर आने की योजना के तहत 22 जिलों में एक-एक कोऑर्डिनेटर नियुक्त करने, विशेष जांच टीमों के गठन करने सहित चार अहम फैसलों पर मुहर लगी है। वहीं, वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक लोकतंत्र बचाने का जिलावार अभियान शुरू करेगी। इसमें सभी जिलों में विरोध-प्रदर्शन के साथ राष्ट्रपति के नाम से संबंधित जिला उपायुक्तों को ज्ञापन सौंपेंगे। वहीं, बहुत जल्द ही वरिष्ठ नेताओं की सूची जारी की जाएगी कि किस जिले में किसकी ड्यूटी लगेगी। कांग्रेस नेता नीरज को मुख्य समन्वयक बनाया गया है।
शुक्रवार को एआईसीसी मुख्यालय, इंदिरा गांधी भवन नई दिल्ली में बैठक हुई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हरियाणा चुनाव में लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से गायब कर दिए गए, ईवीएम की कार्यप्रणाली संदिग्ध रही, और प्रशासनिक तंत्र ने भाजपा को लाभ पहुंचाया। प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने बताया कि कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि लोकतांत्रिक संघर्ष है। पार्टी ने आगामी दिनों में राज्यभर में जनसभाएं और ब्लॉक स्तर पर संवाद अभियान चलाने का ऐलान किया है, ताकि जनता तक सच्चाई पहुंचे और हरियाणा में मतदाताओं के अधिकार की पुनर्स्थापना हो सके। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने बताया हरियाणा में चुनावी गड़बड़ियों की जांच के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई। कांग्रेस का रुख साफ कि यह सत्ता नहीं, संविधान की लड़ाई है। सभी नेताओं ने संकल्प लिया कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा के लिए हरियाणा की जनता के साथ खड़ी रहेगी। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के लोगों का जनादेश भाजपा ने चुरा लिया है। चुनाव आयोग ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभाई। बैठक में प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, पूर्व सीएम व वर्तमान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सांसद कुमारी सैलजा, सांसद दीपेंद्र हुड्डा, पूर्व अध्यक्ष उदय भान, अनुशासनात्मक कमेटी के प्रमुख धर्मपाल मलिक, एआईसीसी सचिव जितेन्द्र बघेल, प्रफुल्ल गुडधे, सतपाल ब्रह्मचारी, वरुण चौधरी, कार्यकारी अध्यक्ष जितेन्द्र भारद्वाज और सुरेश गुप्ता समेत प्रदेशभर के जिलाध्यक्षों, पूर्व सांसदों और विधायकों ने भाग लिया। जबकि, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला बिहार चुनाव में ड्यूटी होने के कारण बैठक में नहीं पहुंच सके।
इन फैसलों पर लगी मुहर
विधानसभा चुनाव में वोट चोरी और चुनावी अनियमितताओं की जांच के लिए विशेष टीमें बनाई जाएंगी।
हर जिले के लिए नियुक्त समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) जनसंपर्क और दस्तावेजीकरण का काम देखेंगे।
जनजागरण अभियान, सत्याग्रह और संवाद यात्राएं आयोजित कर सच्चाई जनता तक पहुंचाई जाएगी।
विधिक सलाहकार समिति गठित की जाएगी जो चुनावी पारदर्शिता पर कानूनी समीक्षा करेगी।
जिला समन्वयक की जिम्मेदारी
अनिल ढांकड़ — यमुनानगर
गिरीश भारद्वाज — नूंह
बलजिंदर सिंह थर्वी — सिरसा
सुधीर चौधरी — फरीदाबाद
राजेश संधलाना — जींद
नरेश हसनपुर — रोहतक
रंधीर राणा — पंचकूला
भूपिंदर लाठर — कैथल
मेहताब अहमद — पलवल
फायरी पोसवाल — गुरुग्राम
मनवीर कौर गिल — अंबाला
शौर्यवीर — सोनीपत
मंदीप सिंह शेरगिल — फतेहाबाद
अनंत दहिया — पानीपत
अमित शर्मा — कुरुक्षेत्र
रघुबीर भारद्वाज — हिसार
डॉ. ममराज स्वामी — भिवानी
सतपाल दहिया — दादरी
सतनाम सिंह वीरक — करनाल
ऋषि यादव — महेंद्रगढ़
अशोक बुआनीवाला — रेवाड़ी