आयोग ने कहा- मुआवजा देने में देरी पर क्यों न आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने फरीदाबाद के चर्चित मृतक प्रिंस प्रकरण में नगर निगम की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए नगर निगम आयुक्त फरीदाबाद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आयोग ने पूछा है कि आयोग के पूर्व आदेशों का पालन न करने और मुआवजा देने में देरी के लिए आयुक्त के खिलाफ क्यों न कार्रवाई की जाए।
आयोग के अध्यक्ष रिटायर्ड न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने कहा कि नगर निगम ने आदेशों की खुली अवहेलना की है और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के बजाय मामले में टालमटोल किया जा रहा है। उन्होंने टिप्पणी की कि यह आचरण प्रशासनिक उदासीनता और नागरिक अधिकारों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाता है। मालूम हो कि फरीदाबाद में एक खुले नाले में गिरने से प्रिंस की माैत हो गई थी। इस मामले में नगर निगम की लापरवाही सामने आई थी।
अध्यक्ष ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोपरि है और प्रशासनिक लापरवाही किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयोग ने नगर निगम पर जिम्मेदारी से बचने और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग पर दोष मढ़ने का आरोप लगाते हुए इसे संस्थागत टालमटोल बताया। आयोग के प्रवक्ता डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि डीसीपी बल्लभगढ़ को मामले की जांच तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर परिषदों से ऐसे मामलों की रोकथाम और जवाबदेही सुनिश्चित करने की रिपोर्ट मांगी गई है। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी 2026 को होगी।