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कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला का बड़ा बयान: एक लाख करोड़ मिलेंगे तो हरियाणा छोड़ देगा चंडीगढ़ पर दावा

Sat, 20 Dec 2025 09:59 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा और पंजाब के बीच राजधानी चंडीगढ़ को लेकर काफी समय से राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। दोनों ही राज्य चंडीगढ़ पर अपना हक जताते हैं। इस बीच सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया है।
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कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला - फोटो : एक्स@rssurjewala
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विस्तार
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हरियाणा-पंजाब के बीच चंडीगढ़ को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला ने बड़ा बयान दिया है। 
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उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये का फंड दे दे तो हरियाणा चंडीगढ़ पर दावा छोड़ने को तैयार है। सुरजेवाला ने यह बात सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में कही।

बिना ठोस विकल्प के हिस्सा क्यों छोड़े हरियाणा

सुरजेवाला ने कहा कि चंडीगढ़ के मुद्दे पर हरियाणा की स्थिति पूरी तरह साफ है। पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के तहत चंडीगढ़ का बंटवारा 60:40 के अनुपात में पंजाब और हरियाणा के बीच किया गया था। ऐसे में हरियाणा का चंडीगढ़ पर 40 प्रतिशत कानूनी और सांविधानिक अधिकार बनता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह अधिकार स्पष्ट रूप से मौजूद है, तो हरियाणा बिना किसी ठोस विकल्प के अपना हिस्सा क्यों छोड़े।

मनीष तिवारी की राय से बनाई दूरी 

चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें तिवारी ने चंडीगढ़ को मूल रूप से पंजाब की राजधानी बताया था, सुरजेवाला ने कहा कि मनीष तिवारी अपने दृष्टिकोण से सही हो सकते हैं लेकिन हरियाणा का भी चंडीगढ़ में वैध हिस्सा है। उन्होंने दो टूक कहा कि अगर यह हिस्सा छोड़ने की बात होती है, तो हरियाणा को नई राजधानी बसाने के लिए एक लाख करोड़ रुपये देने होंगे।

नेशनल हेराल्ड मामले पर मोदी सरकार पर बोला हमला

नेशनल हेराल्ड मामले पर सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड आजादी की लड़ाई और स्वतंत्र पत्रकारिता का प्रतीक है जिसे मौजूदा सरकार बदले और नफरत की राजनीति के तहत खत्म करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय को राजनीतिक हथियार बनाकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को निशाना बनाया गया। सुरजेवाला ने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि 2014 से 2021 तक न तो सीबीआई और न ही ईडी को कोई आपराधिक या मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मिला। इसके बावजूद 2021 में जबरन केस दर्ज किया गया, जो कानून और संविधान दोनों के खिलाफ है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और स्वतंत्र संस्थाओं पर सीधा हमला करार दिया।
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