डीजीपी का डिजिटल दरबार...हरियाणा पुलिस अब शिकायतें सुनने का तरीका भी हाईटेक कर चुकी है। पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में सोमवार को डीजीपी ओपी सिंह का डिजिटल जनता दरबार लगा। फरियादियों ने अपनी बात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे डीजीपी से कही। मौके पर ही कार्रवाई के आदेश दिए गए। रेवाड़ी की गन लहराने वाली महिला पर एफआईआर से लेकर सोनीपत के गवाह को सुरक्षा लौटाने तक कई मामलों में डीजीपी ने तत्काल एक्शन लिया।
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। डीजीपी साहब, मेरी पड़ोसी खुलेआम गन लहराती हैं। हवाई फायरिंग करती हैं और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देती हैं...यह आवाज रविवार दोपहर पंचकूला पुलिस मुख्यालय में गूंज रही थी लेकिन सामने कोई व्यक्ति नहीं बल्कि एक बड़ी स्क्रीन थी, जिस पर रेवाड़ी की एक महिला लाइव जुड़ी हुई थी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) में स्क्रीन पर पीड़ित महिला ने गन लहराती और हवाई फायरिंग करती पड़ोसी महिला की मोबाइल फोन से खींची तस्वीरें दिखाईं। डीजीपी ओपी सिंह ने तुरंत रेवाड़ी एसपी हेमेंद्र कुमार मीणा से कहा-मुकदमा दर्ज करें और लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करें। आदेश उसी वक्त दिए गए और मामला ऑन रिकॉर्ड चला गया।
इसके बाद, करनाल से दलबीर सिंह बोले-एक आदमी गालियां देता है। जान से मारने की धमकी देता है। डीजीपी ने एसपी करनाल गंगाराम पूनिया से कहा-शिकायत दर्ज कर रिपोर्ट दो। सोनीपत के बुजुर्ग राजेंद्र सिंह ने बताया कि वे एक गंभीर केस में मुख्य गवाह हैं। हाईकोर्ट के आदेश पर चार गनमैन दिए गए थे मगर पुलिस ने सुरक्षा हटा ली। वीसी पर जुड़ीं कमिश्नर ममता सिंह ने कहा-मामले की जानकारी नहीं है। डीजीपी का साफ जवाब-अगर हाईकोर्ट का आदेश है तो आज शाम तक सुरक्षा बहाल होनी चाहिए।
भीड़ न भागदौड़, तुरंत कार्रवाई
डीजीपी ओपी सिंह का यह डिजिटल जनता दरबार लोगों में उम्मीद बन गया है। पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में दिन में करीब 11 बजे सुनवाई शुरू होती है। बड़ी स्क्रीन पर हरियाणा के सभी पुलिस कमिश्नर और एसपी जुड़ते हैं। लोग सीधे डीजीपी से बात करते हैं और प्रगति रिपोर्ट भी पेश करते हैं। कोई आधिकारिक बैठक नहीं होने पर डीजीपी दोपहर दो बजे तक जनता की बात सुनकर अफसरों को निर्देश देते हैं।