चंडीगढ़। हरियाणा के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को वेतन देरी पर 500 रुपये हर्जाना देने का वादा वर्षों से पूरा नहीं हुआ, उल्टा अब विभाग ने उन पर निगरानी और कार्रवाई की तलवार टांग दी है।
पंचायती राज विभाग के महानिदेशक कार्यालय ने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) को सफाई कर्मचारियों के काम की कड़ी मॉनिटरिंग और लापरवाही पर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। इससे कर्मचारियों और निदेशालय के बीच तनातनी और बढ़ गई है।
हरियाणा ग्रामीण सफाई कर्मचारी संगठन ने विभाग की इस पहल को मनमानी बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बसाऊ राम और महासचिव विनोद कुमार ने कहा कि सरकार ने वेतन देरी पर 500 रुपये हर्जाना देने का वादा किया था लेकिन यह नियम आज तक लागू नहीं हुआ। वहीं, कई कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं मिलता।
संगठन ने बताया कि प्रदेश में 10,500 ग्रामीण सफाई कर्मचारी 2007 से कार्यरत हैं। प्रदेश में अभी भी 9,754 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है और 7,326 पद रिक्त हैं। नए पदों पर भर्ती नहीं हो रही है।
मौजूदा कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है। संगठन ने मांग की कि सिर्फ सफाई कर्मचारियों की नहीं बल्कि सभी खंड विकास अधिकारियों के कामकाज की भी व्यापक जांच हो। साथ ही वेतन समय पर देने और देरी होने पर घोषित 500 रुपये हर्जाना तुरंत लागू करने की मांग दोहराई।