हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि प्रदेश में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में डीएपी की उतनी मात्रा पहुंच चुकी है, जितनी बीते वर्ष हमारे पास थी।
गेहूं बिजाई सीजन के दौरान डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) खाद की कमी अब बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष सरकार को घेरने में लगा है। प्रदेशभर में डीएपी की मांग अधिक है और इसके मुकाबले इसकी आपूर्ति कम है।
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इसपर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि प्रदेश में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में डीएपी की उतनी मात्रा पहुंच चुकी है, जितनी बीते वर्ष हमारे पास थी। खाद आने में थोड़ा समय लग रहा है। क्योंकि खाद को बाहर से इंपोर्ट करना पड़ता है। यूक्रेन और रशिया युद्ध के कारण स्टॉक पहुंचने में भले ही समय लग रहा है, लेकिन प्रदेश के किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
वहीं सीएम सैनी ने हरियाणा कांग्रेस ने रणदीप सुरजेवाला पर तंज कसा कि वह हर दिन खाद की कमी का मुद्दा बनाकर प्रेस कांफ्रेंस कर रहे हैं। क्योंकि उनको टीवी में आने का शौक रहता है।
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इसलिए हो रही देरी
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डीएपी की आपूर्ति ज्यादातर जॉर्डन, रूस व इजराइल से होती है। वहां से समुद्री जहाज के जरिये डीएपी खाद लाई जाती है, मगर अभी यह रूट बंद होने के कारण जहाज को साढ़े छह हजार किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इस कारण से सभी जहाज 15 दिन की देरी से पहुंच रहे हैं। इसी फेर में केंद्र के बाद हरियाणा में डीएपी आने में समय लग रहा है। खास बात ये है कि हरियाणा के किसी भी जिले में डीएपी की कालाबाजारी की शिकायत नहीं मिली है।