हरियाणा के मौलिक शिक्षा निदेशालय ने टीजीटी पदोन्नति प्रक्रिया को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न वरिष्ठता सूचियों पर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की हैं। इस संबंध में सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि किसी भी प्रकार की त्रुटि या छूटा हुआ नाम होने पर 8 जुलाई 2026 तक निदेशालय को सिफारिश सहित भेजना अनिवार्य होगा।
निदेशालय ने बताया कि समय-समय पर सीएंडवी तथा टीजीटी (सामान्य और दिव्यांग वर्ग) की वरिष्ठता सूचियां जारी की गई हैं। इनमें 1 जनवरी 2012, 1 जनवरी 2017 और 1 जुलाई 2020 की टीजीटी/मास्टर वरिष्ठता सूची के अलावा हिंदी, संस्कृत, पंजाबी तथा दिव्यांग वर्ग की अलग-अलग वरिष्ठता सूचियां भी शामिल हैं।
निर्देशों के अनुसार यदि किसी कर्मचारी का नाम सूची में शामिल नहीं हुआ है या किसी प्रकार की त्रुटि है तो संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी 8 जुलाई तक अपनी संस्तुति के साथ निर्धारित ई-मेल अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से निदेशालय को प्रस्ताव भेजेंगे।
साथ ही सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को यह प्रमाणित करना होगा कि उनके जिले में वरिष्ठता सूची से संबंधित कोई दावा या आपत्ति लंबित नहीं है तथा किसी भी पात्र शिक्षक का नाम सूची में शामिल किया जाना शेष नहीं है। विभाग का उद्देश्य पदोन्नति प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।