हरियाणा के सिविल अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को 195 डॉक्टर और मिलेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने इन डॉक्टरों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अगले महीने तक इन डॉक्टरों को स्टेशन भी अलॉट कर दिए जाएंगे। इन नियुक्तियों से आने वाले समय में स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी।
दरअसल, हरियाणा सरकार ने आठ महीने पहले 777 स्वास्थ्य अधिकारी (एमओ ) पदों के लिए नियुक्तियां निकाली थीं। इनमें से 561 डॉक्टरों ने ज्वाइन कर लिया था। अब स्वास्थ्य विभाग ने कट आफ कम कर 195 आवेदकों की नई मेरिट लिस्ट निकाली है। 21 अप्रैल को इन आवेदकों को अपने मूल दस्तावेज और एडमिट कार्ड के साथ सेक्टर छह स्थित महानिदेशक स्वास्थ्य सेवा के कार्यालय में सुबह दस बजे पहुंचना होगा। यदि शार्टलिस्ट किए गए उम्मीदवार तय तारीख व समय पर नहीं पहुंचते हैं तो उन्हें दोबारा मौका नहीं मिलेगा।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने बीते साल एक दिसंबर को 777 पदों के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की थी। इस परीक्षा में पांच हजार 994 आवेदकों ने परीक्षा भी पास कर ली थी। सरकार आम तौर पर कुल पदों के दो गुना लोगों को बुलाती है लेकिन इस बार जितने पद थे, उन्हीं लोगों को बुलाया। इनमें 561 आवेदक ही ज्वाइन करने पहुंचे। बाकी इसलिए नहीं पहुंचे क्योंकि परिणाम निकलने के बावजूद तीन महीने बाद आवेदकों को नियुक्ति के लिए बुलाया नहीं गया था। ऐसे में बाकी बचे आवेदकों ने पीजी करना बेहतर समझा। सरकार की ओर से निकाले गए पदों पर डॉक्टर नहीं मिलने की स्थिति में सरकार ने अब कट आफ कम नई मेरिट लिस्ट निकाली, ताकि डॉक्टरों के खाली पदों को भरा जा सके।
बजट सत्र में उठा था डॉक्टरों के खाली पदों का मुद्दा
विधानसभा के बजट सत्र में सिविल अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा जोर-शोर से उठा था। खुद भाजपा के विधायकों ने भी अपनी बात रखते हुए सरकार से जल्द से जल्द से डॉक्टरों को नियुक्ति देने की मांग की थी। यमुनानगर के भाजपा विधायक घनश्याम दास के पूछे गए सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया, यमुनानगर के सिविल अस्पताल में 40 फीसदी स्टाफ खाली है। स्वीकृत 55 मेडिकल आफिसर में से 21 पद खाली हैं। मेडिकल आफिसर के स्वीकृत 3960 में से करीब 250 पद खाली हैं। नए डॉक्टरों की नियुक्ति के बाद यह कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी। हालांकि सीनियर अधिकारियों की पोस्ट अब खाली है। सिविल सर्जन व समकक्ष 51 पद अब खाली हैं। वहीं, सीनियर मेडिकल ऑफिसरों के 644 पदों में से 219 पद अब भी खाली हैं। वहीं, सीनियर डेंटल सर्जन के 20 पद और डेंटल सर्जन के 717 पद में से 58 पद खाली हैं।