कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव पर नायब सिंह सैनी ने दिया जवाब
हुड्डा बोले- आंकड़ों के बजाय कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाएंगे, यह बताएं
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा के मानसून सत्र में प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव पर सदन के अंदर सत्ता पक्ष व मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों के बीच जमकर हंगामा हुआ। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष को उनके कार्यकाल में हुए अपराध के आंकड़ों से घेरते हुए शेर पढ़ा, जिसके किरदार पर शैतान भी शर्मिंदा है, वो भी आए हैं यहां नसीहत देने हमको। इस पर कांग्रेस के विधायक नाराज हो गए और भाजपा मुर्दाबाद का नारे लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर गए। उधर, सत्ता पक्ष ने भाजपा जिंदाबाद के नारे लगाए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके राज में हर रोज चार हत्याएं होती थीं। हरियाणा को अपराध में नंबर वन बना दिया था। पता नहीं हुड्डा साहब पर क्या दबाव था। आपके ऊपर दुष्कर्म के आरोपियों को बचाने का बहुत दबाव था। आप कार्रवाई नहीं करते थे। मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं है। हमारी सरकार अपराध के खिलाफ जबरदस्त काम कर रही है। इस पर कांग्रेस विधायक नाराज हो गए। उन्होंने कहा, राज्य की कानून व्यवस्था काफी खराब है। इसमें आंकड़ों के बजाय मुख्यमंत्री को कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाने जा रहे हैं इसकी जानकारी देनी चाहिए।
विपक्ष को जवाब देते हुए सीएम सैनी ने कहा, कांग्रेस शासनकाल में दुष्कर्म की घटनाएं तीन गुना बढ़ीं। 2004 में दुष्कर्म के 386 मामले थे जो 2014 में बढ़कर 1174 पहुंच गए थे। दस साल में कांग्रेस ने मात्र एक ही महिला थाना खानपुर कलां में खोला। कांग्रेस विधायक अखबारों की कटिंग लेकर आए थे। मैं तो इनके कारनामों का पूरा ग्रंथ लेकर आया हूं। एक नहीं, तीन-तीन ग्रंथ लेकर आया हूं। उन्होंने अध्यक्ष से कहा कि यदि ये ग्रंथ पढ़ लेंगे तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।
सीएम सैनी ने कहा- जब से मैंने सत्ता संभाली है तब से अपराध दर में गिरावट आई है। मैं पहले ही कह चुका हूं कि अपराधी या तो हरियाणा छोड़ दें, या अपराध छोड़ दें। अपराधियों की हैसियत से नहीं कानून की हुकूमत से प्रदेश चलता है। पहले की सरकारों में लोगों को एफआईआर दर्ज कराने के लिए भटकना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होता। उन्होंने कहा कि विपक्ष सहयोग करे तो सदन में प्रस्ताव लाएंगे कि मीडिया मंचों से अपराधियों का महिमामंडित न किया जाए।
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विपक्ष बोला, न बेटियां सुरक्षित और न कारोबारी
कानून व्यवस्था पर कांग्रेस के स्थगन प्रस्ताव पर सदन में चर्चा करीब पौने चार बजे शुरू हुई। कांग्रेस की गीता भुक्कल ने कहा कि हरियाणा एक शांतिप्रिय प्रदेश था मगर भाजपा राज में न तो बहन-बेटियां सुरक्षित हैं और न कारोबारी। गैंगस्टरों की इतनी दहशत है कि 12 जिलों में शराब के 300 ठेकों की नीलामी लेने कोई कारोबारी नहीं आया। उन्होंने आंकड़े रखते हुए कहा, पिछले पांच महीने में जींद में 40, फरीदाबाद में 46, गुरुग्राम में 38, पानीपत में 30, करनाल में 24, कैथल में 23, कुरुक्षेत्र में 22 और यमुनानगर में 18 हत्याएं हुई हैं। थानेसर से विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि राज्य में अपहरण व फिरौती की घटनाएं बढ़ी हैं। भाजपा राज में उद्योगपति व डॉक्टर दहशत में हैं। भिवानी में मनीषा की मौत के मामले में सरकार के प्रति लोगों को इतना रोष था कि तीन बार पोस्टमार्टम करना पड़ा। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि लोगों का भरोसा पुलिस से उठा चुका है। मनीषा वाले मामले में भाऊ गैंग का फोन आता है। पुलिस आरोपी को पकड़ती है तो ठीक है, वरना हम करेंगे कार्रवाई।
सीएम बोले, इनके कार्यकाल में पुलिस नहीं, सीबीआई काम करती थी
सीएम सैनी ने पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इनके राज में पुलिस काम नहीं करती थी। सारे केस सीबीआई के पास जाते थे। जब हुड्डा की सरकार थी तो इनके शहर में पांच पुलिसकर्मियों ने एक महिला से रेप किया था। 40 दिन तक उसकी एफआईआर नहीं लिखी गई। जब उसने डीजीपी दफ्तर के बाहर जहर निगला तो एफआईआर दर्ज हुई। एक और घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राजभवन के बाहर दो पुलिसकर्मियों ने सरेराह एक महिला को उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। हुड्डा साहब की नाक के नीचे रोहतक का अपना घर का कांड सबको याद है। कैसे बच्चियों का शोषण किया जाता था। उसकी भी जांच सीबीआई ने ही की थी।
हुड्डा बोले- सदन की गरिमा रखो, आप अपराध को कैसे रोकोगे, ये बताओ
सीएम सैनी ने कहा कि हुड्डा साहब, आपके पिता संविधान सभा के सदस्य रहे हैं। आप इस प्रदेश के दस साल मुखिया रहे हैं। क्या आपके समय में किसी को फांसी हुई। कोई कार्रवाई नहीं होती थी। हमने आठ महीने में यमुनानगर में एक नाबालिग बेटी के दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सजा दिलाई है। इस पर पूर्व सीएम हुड्डा ने कहा कि आप सदन की गरिमा तो रखो। पूर्व सीएम ने अफसरों की तरफ देखते हुए कहा कि पहले भी यही सरकार चला रहे थे और अब भी यही चला रहे हैं। इस पर सीएम सैनी ने कहा, देश के अंदर प्रशासनिक तंत्र वही है लेकिन अब केंद्र में नरेंद्र मोदी बैठे हैं। हुड्डा ने कहा कि क्या आपने एनसीआरबी के आंकड़े पढ़े हैं। यह गृह विभाग के आंकड़े हैं। इसमें लिखा है कि महिलाओं से संबंधित अपराध में पूरे देश में हरियाणा नंबर वन है। इस पर सैनी ने कहा कि मैंने सब पढ़ लिया है। हुड्डा ने कहा कि हमारी बराबर की जिम्मेदारी है। आप क्या कदम उठाने जा रहे हैं उसे बताएं। हम लोग सहयोग करेंगे। हरियाणा अभी अपराध में देश में नंबर वन हुआ है। न हम ठेकेदार हैं और न आप हैं। ये सबकी जिम्मेदारी है।
तीन विधेयक पारित
मंगलवार को तीन विधेयक पारित किए गए। इनमें हरियाणा विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2025, हरियाणा माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2025 व हरियाणा नगरपालिका क्षेत्रों के बाह्य क्षेत्रों में अपूर्ण नागरिक सुख सुविधाओं व अवसंरचना का प्रबंधन (विशेष उपबंध) संशोधन विधेयक, 2025 शामिल हैं।
हरियाणा विनियोग :
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सेवाओं के लिए हरियाणा राज्य की संचित निधि में से कुल 4251,04,93,881 रुपये के भुगतान और विनियोग का प्राधिकार देने के लिए यह विधेयक पारित किया गया है।
हरियाणा माल और सेवा कर :
हरियाणा माल और सेवा कर 2017 (अधिनियम) को राज्य सरकार ने माल या सेवाओं या दोनों की अंतर राज्य आपूर्ति पर कर लगाने और संग्रह के प्रावधान के नजरिए के साथ पारित किया था। जीएसटी परिषद की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय संशोधनों की तर्ज पर विधेयक पास हुआ है।
आवासीय कॉलोनियों (अनधिकृत) को नियमित करना :
राज्य के नगरपालिका क्षेत्रों से बाहर स्थित नागरिक सुविधाओं की कमी वाले क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से पारित किया गया। 684 आवासीय कॉलोनियों (अनधिकृत) को नियमित करने पर विचार किया गया।