हरियाणा में मछली और झींगा पालकों को अब कृषि फीडरों से बिजली केवल 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से मिलेगी। वहीं, गैर-कृषि फीडरों से जुड़े मत्स्य पालन उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली दर 6.60 रुपये से घटाकर 4.75 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। इसके साथ ही इस श्रेणी में बिजली लोड की सीमा 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट कर दी गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण तथा मत्स्य पालन मंत्री श्याम सिंह राणा ने बृहस्पतिवार को विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री और बजट घोषणाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालकों को उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध कराने के साथ उनकी उपज की बिक्री के लिए अलग मंडियों की व्यवस्था की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि यमुनानगर, रोहतक और फरीदाबाद में करीब 6.04 करोड़ रुपये की लागत से मिट्टी एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित होंगी। इनके मार्च 2027 तक शुरू होने की संभावना है।
इसके अलावा हिसार और फरीदाबाद में 100 करोड़ रुपये की लागत से दो आधुनिक मछली मंडियां बनाई जाएंगी। करनाल में 50 करोड़ रुपये की लागत से मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जा रही है, जिसका काम दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। ज्योतिसर और सांपला के सरकारी मत्स्य बीज फार्मों के नवीनीकरण पर भी 20.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।