हरियाणा की सैनी सरकार नशे के खिलाफ एक्शन में है। साल के पहले तीन महीने (जनवरी-मार्च) में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 834 एफआईआर दर्ज की गईं हैं। इन एफआईआर के आधार पर 1,319 तस्कर गिरफ्तार हुए हैं। इनमें 119 मामले नशीले पदार्थों की व्यावसायिक मात्रा से संबंधित थे, जबकि 578 मामले मध्यम मात्रा से संबंधित थे। वहीं, मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी केमिस्ट शॉप में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य करने के आदेश जारी किए हैं। दवा विक्रेताओं को अपना लाइसेंस ऐसी जगह पर प्रदर्शित करना होगा, जहां उपभोक्ता आसानी से देख सकें।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को राज्य स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) की बैठक में नशीली दवाओं से जुड़े अपराध से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की समीक्षा की। इस दौरान राज्यों के सभी उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने सभी उपायुक्तों को नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण कर उसकी रिपोर्ट 22 अप्रैल तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की ओर से 103 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 18,500 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। वहीं, युवाओं के लिए खेल पहल के तहत 2,515 गांवों को कवर किया गया, जिसका मकसद युवाओं को नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ लड़ाई में शामिल करना और शिक्षित करना है।