कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने राज्य के अधिकारियों के दिए निर्देश
चंडीगढ़। प्रदेश में गुरुग्राम, आईएमटी सोहना और मानेसर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के लिए खाने की सुविधाओं और कैंटीनों की स्थापना होगी। स्थानीय उद्योग संगठनों के साथ बैठकें कर उन्हें केंद्र सरकार की इस योजना की जानकारी दी जाए, ताकि वे अपने उद्योगों में इसका लाभ उठा सकें।
कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने राज्य के अधिकारियों को कैंटीन खोलने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए है। राव नरबीर सोमवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की ओर से राज्यों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में वर्चुअल तरीके से भाग ले रहे थे।
मंत्री नरबीर सिंह ने केंद्र सरकार की तरफ से घोषित रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन स्कीम पर कहा कि यह योजना राज्य के एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्रों में रोजगार पाने वाले नए कर्मचारियों के लिए लाभकारी साबित होगी। यह योजना युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी।
मंत्री ने कहा कि एक जुलाई, 2025 को केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए प्रारंभिक चरण में 99,446 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और आने वाले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा है। योजना आगामी 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 तक प्रभावी रहेगी।
इस तरह वेतन का प्रावधान
पहली बार रोजगार में आने वाले 15 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को दो किस्तों में सरकार की ओर वित्तीय सहायता दी जाएगी। बशर्ते कि कर्मचारी कम से कम छह महीने नियुक्ति देने वाले (नियोक्ता) के पास प्रोबेशन पीरियड पर रहे। इसी प्रकार नियोक्ता को 10 हजार रुपये तक की सैलरी पर एक हजार रुपये मासिक, दस हजार रुपये से अधिक व 20 हजार रुपये तक दो हजार रुपये मासिक और 20 हजार रुपये से अधिक व एक लाख रुपये तक की सैलरी पर तीन हजार रुपये तक मासिक सहायता दी जाएगी।