सालों पुरानी नगरपालिका लेखा संहिता मौजूदा चुनौतियों का सामना करने में असमर्थ थी
चंडीगढ़। मंत्रिमंडल की बैठक में निकायों में लेखा प्रणाली प्रबंधन में ब्रिटिश काल से चली आ रही 1930 संहिता को निरस्त करने की मंजूरी दी गई है। इसका मकसद हरियाणा में नगर निकायों की लेखा प्रणाली में पारदर्शिता लाना है। सालों पुरानी नगरपालिका लेखा संहिता मौजूदा चुनौतियों का सामना करने में असमर्थ थी। इसके अतिरिक्त, तकनीकी प्रगति के कारण भी नगरपालिका खाता कोड के प्राविधान अप्रचलित और अनावश्यक हो गए थे। नई संहिता न केवल हरियाणा में सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए एक समान और आधुनिक लेखा प्रणाली स्थापित करेगी, बल्कि लेखांकन, बजट और वित्तीय रिपोर्टिंग सहित नगरपालिका वित्त के प्रबंधन के लिए एक व्यापक ढांचा भी प्रदान करेगी।
केंद्र की नीति के समान मिलेगा जमीन अधिग्रहण का बढ़ा मुआवजा
मंत्रिमंडल की बैठक में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत राज्य के सभी विभागों, बोर्डों एवं निगमों, पंचायती राज संस्थाओं व शहरी स्थानीय निकायों के लिए भूमि की बाजार दर निर्धारित करने की नीति में संशोधन किया गया। इसके तहत इन संस्थाओं को जमीन मिलने में आसानी होगी और बेचने वालों को ज्यादा दाम मिल सकेंगे।
संविदा नौकरियों में नहीं मिलेगा सामाजिक-आर्थिक आधार के अंकों का लाभ
संविदा की नौकरियों में अनुभव और सामाजिक-आर्थिक आधार के अंकों का लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए संविदा कर्मियों की तैनाती नीति-2022 में संशोधन को स्वीकृति दी गई है। लेवल- एक जॉब रोल के लिए अधिकतम आयु सीमा 58 से 60 साल कर दी है, जो ग्रुप डी कर्मचारियों के बराबर है। आरक्षण रोस्टर जॉब रोल के बजाय नौकरी के स्तर के अनुसार तैयार किया जाएगा।
कौशल रोजगार निगम कर्मियों को किसी संगठन में भेजने से पहले साॅफ्ट स्किल्स में प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग प्रदान करेगा। अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकारी अब हरियाणा के मुख्य सचिव होंगे।