हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पीर बोधी की जमीन देह शामलात की जमीन थी, 1990 में जमीन को देह शामलात की जमीन को वफ्प बोर्ड के नाम कर दिया गया।
हरियाणा में जितनी भी शामलात देह की जमीन जो वफ्फ बोर्ड को दी गई उसकी भाजपा सरकार जांच कराएगी। यह एलान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया है। हरियाणा बजट सत्र के दौरान बुधवार को सीएम नायब सिंह सैनी ने सदन में कहा कि पीर बोधी की जमीन देह शामलात की जमीन थी। 1990 में जमीन को देह शामलात की जमीन को वफ्फ बोर्ड के नाम कर दिया गया। शामलात देह की जमीन कैसे ट्रांसफर हुई, यह एक जांच का विषय है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार शामलात भूमि के नए कानून में भी तालाब, जोहड़ और जलाशय के सरंक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने घोषणा की है कि मंडलायुक्त रोहतक, मंडलायुक्त करनाल और उपायुक्त रोहतक की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी पीर बोधी की जमीन वक्फ बोर्ड को कैसे ट्रांसफर हुई और कैसे इस पर कब्जे हुए इसकी पूरी जांच करेगी।