2026 के एशियन गेम्स में भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। भारतीय एथलीटों ने रिंग और मैट दोनों जगह अपना दबदबा कायम करते हुए तीन स्वर्ण पदक देश की झोली में डाल दिए। बॉक्सिंग में हरियाणा के अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने पोडियम का शीर्ष स्थान हासिल किया, वहीं कुश्ती के मैट पर सुजीत कलकल ने भारत को कुश्ती का पहला गोल्ड दिलाया।
अंकुश पंघाल का पंच: पुरुषों के 80 किग्रा में जीता गोल्ड
बॉक्सिंग रिंग में पुरुषों के 80 किग्रा भार वर्ग के फाइनल मुकाबले में भारत के अंकुश पंघाल ने एकतरफा प्रदर्शन किया। उन्होंने दक्षिण कोरिया के मुक्केबाज किम मिनसियोंग को 4-0 से मात देकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
अंकुश की इस जीत के साथ ही बॉक्सिंग में भारत का यह तीसरा स्वर्ण पदक रहा। हरियाणा के हिसार जिले के भेरिया गांव से आने वाले अंकुश ने अपने आक्रामक खेल और सटीक पंचों से विरोधी को पूरे मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
परवीन हुड्डा ने पूर्व विश्व चैंपियन को दी शिकस्त
महिला बॉक्सिंग के 65 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में परवीन हुड्डा ने अपनी तकनीकी दक्षता का शानदार प्रदर्शन किया। बेहद कड़े और रोमांचक मुकाबले में परवीन ने चीनी ताइपे की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन और पेरिस ओलंपिक पदक विजेता चेन निएन-चिन को स्प्लिट डिसिजन में 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। हरियाणा के रोहतक जिले के रुड़की गांव की निवासी परवीन ने दबाव के पलों में बेहतरीन संयम दिखाते हुए मुकाबला अपने पक्ष में किया और तिरंगा लहराया।
कुश्ती में सुजीत कलकल का पहला स्वर्ण
रिंग के बाद अखाड़े में भी भारत का परचम लहराया। युवा पहलवान सुजीत कलकल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुश्ती स्पर्धा में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। सुजीत के इस दांव ने भारतीय कुश्ती दल के अभियान में नई ऊर्जा भर दी है।
हरियाणा के 'धाकड़' एथलीटों का दबदबा
एक ही दिन में बॉक्सिंग और कुश्ती से आए इन तीन पदकों ने पदक तालिका में भारत की स्थिति को और मजबूत कर दिया है। विशेष रूप से हरियाणा के ग्रामीण अंचलों से निकले इन एथलीटों हिसार के अंकुश, रोहतक की परवीन और सुजीत ने साबित कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय खेल प्रतिभा का कोई सानी नहीं है।