एसीएस डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई एचएमएससीएल के निदेशक मंडल की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचएमएससीएल) के निदेशक मंडल की बैठक में सरकारी अस्पतालों के लिए 30 माइक्रो-सेंट्रीफ्यूज मशीनें खरीदने और रोहतक स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए अत्याधुनिक 3-डी कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीबीसीटी) एक्स-रे मशीन की खरीद को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने की।
करीब 20 लाख रुपये की लागत से खरीदी जाने वाली 30 माइक्रो-सेंट्रीफ्यूज मशीनों से सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में रक्त और अन्य जैविक नमूनों की जांच अधिक तेजी और सटीकता से हो सकेगी। लगभग 82 लाख रुपये वाली सीबीसीटी मशीन से दांत, जबड़े और मुख संबंधी जटिल रोगों की बेहतर जांच और उपचार संभव होगा।
पानीपत के दिव्यांग बच्चे को बायोनिक कृत्रिम अंग की मंजूरी
बैठक में पानीपत के एक दिव्यांग बच्चे के लिए करीब 35 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक बायोनिक कृत्रिम हाथ और पैर उपलब्ध कराने की भी मंजूरी दी गई। करंट लगने की दुर्घटना में दोनों हाथ और एक पैर गंवा चुके इस बच्चे को इन कृत्रिम अंगों से दैनिक जीवन में आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
डेंगू जांच के लिए 2,500 किटें खरीद जाएंगी
मानसून के दौरान डेंगू की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में उपयोग के लिए करीब 2,500 एनएस-1 डायग्नोस्टिक किटें खरीदने की भी मंजूरी दी गई है। लगभग 47 लाख रुपये की लागत वाली इन किटों से शुरुआती चरण में संक्रमण की पहचान कर मरीजों के समय पर उपचार और रोग नियंत्रण में मदद मिलेगी।