आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों और आईएएस अफसरों के साथ मिलकर आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के खातों से 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी की।
657 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम वीरवार को हरियाणा कैडर के दो आईएएस के घर पहुंची।
विज्ञापन
एक टीम चंडीगढ़ सेक्टर 16 और दूसरी टीम एमडीसी पंचकूला में रहने वाले आईएएस के घर पहुंची। देर रात एक आईएएस को हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि सीबीआई ने अभी तक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है।
जांच एजेंसी की ओर से यह कार्रवाई हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े 169 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े व एचपीजीसीएल में सरकारी धन के गबन के मामले में की गई है। जांच एजेंसी इससे पहले दो आईएएस पंकज अग्रवाल व आरके सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों अभी न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के अधिकारियों और आईएएस अफसरों के साथ मिलकर आठ विभागों और चंडीगढ़ प्रशासन के दो विभागों के खातों से 657 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। सीबीआई ने एक दिन पहले 23 जून को डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ शर्मा को भी गिरफ्तार किया था।