अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों को प्रतिमाह मिलने वाले मानदेय में केंद्रीय हिस्सेदारी का पैसा नहीं मिल रहा है। पिछले एक साल से मानदेय का पैसा न मिलने पर अब आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन ने आंदोलन करने का निर्णय लिया है। महिला व बाल विभाग पंचकूला के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि 19 अगस्त तक मांग पूरी नहीं हुई तो 20 अगस्त से विभागीय मंत्री श्रुति चौधरी के आवास का अनिश्चितकाल के लिए घेराव शुरू करेंगे।
यूनियन की राज्य प्रधान रूपा राणा, बिजनेस राणा, राज्य कार्यकारिणी की सदस्या सुनीता पंचकूला स्थित मुख्यालय पहुंची। महिला व बाल विभाग के आयुक्त और सचिव शेखर विद्यार्थी, निदेशक प्रियंका सोनी कार्यालय में मांग पत्र सौंपा। इसमें मांग की है कि प्रदेश की आंगनबाड़ी वर्करों को राज्य सरकार प्रति माह 11,750 रुपये का मानदेय देती है।
केंद्र सरकार की ओर से भी प्रति माह 3000 रुपये मानदेय का प्रावधान है, मगर केंद्र से मिलने वाला मानदेय पिछले एक साल से नहीं मिल रहा है। सरकार से मांग की है कि तुरंत लंबित मांग को पूरा किया जाए। आंदोलन के दौरान टर्मिनेट वर्कर्स का बकाया मानदेय जारी किया जाए। इन वर्करों व हेल्परों को पदोन्नति की सूची से बाहर न किया जाए।