भाजपा विधायकों को नारेबाजी से मना किया, कहा-सरकार विपक्ष की हर चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मानसून सत्र के दौरान हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपनी सरलता व सहजता से एक बार फिर हंगामे के बावजूद विपक्ष व सदन को साध लिया। एक ओर जहां कांग्रेस विधायक आक्रामक होकर नारे लगा रहे थे, वहीं सैनी ने संयम का परिचय देते हुए विपक्ष विधायकों की बातों को ध्यान से सुना।
कांग्रेस विधायक जब स्थगन प्रस्ताव की मांग कर रहे थे तो सीएम सैनी ने उसी दौरान कहा कि वे विपक्ष के हर सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं लेकिन सदन की कार्यवाही चलने दें। सदन की कार्यवाही जनहित में चलाना जरूरी है। जब कांग्रेस विधायक नारेबाजी कर रहे थे तो उस दौरान भाजपा विधायक भी नारेबाजी पर उतर आए। भाजपा विधायक धनेश अदलखा सीट पर खड़े हुए और नारेबाजी करते हुए आगे आने लगे लेकिन मुख्यमंत्री ने उन्हें इशारे से नारेबाजी करने से मना किया। इसके बाद विधायक पीछे लौट गए। बार-बार कार्यवाही स्थगित होने पर नायब सैनी ने सदन को चलने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई और विपक्षी सदस्यों को इस बात पर सहमत किया कि हरियाणा की जनता के हितों के लिए सदन की कार्रवाई को नियमानुसार चलाना जरूरी है। उन्होंने विश्वास दिलवाया कि विपक्ष जो भी मुद्दे उठाना चाहता है, उठाएं। सरकार हर बात पर चर्चा को तैयार है लेकिन सदन चलाने में सभी सहयोग करें। हंगामे के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने भी कड़े तेवर दिखाएं। हालांकि उन्होंने भी बाद में सदन को चलवाया।