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Chandigarh-Haryana News: लोक सेवा आयोग में पेपर लीक के आरोप, आयोग की जांच में दावे पाए गए गलत

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29 मई को पंचकूला के 35 केंद्रों पर हुआ था सहायक प्रोफेसर पदों के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट
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हरियाणा लोक सेवा आयोग ने चार बिंदुओं पर की जांच, कहा - जांच में कुछ भी गलत नहीं मिला
चंडीगढ़। हरियाणा लोक सेवा आयोग ने हाल ही में हुई एक परीक्षा के दाैरान गड़बड़ियों और पेपर लीक के आरोपों को खारिज कर दिया है। 29 मई 2025 को पंचकूला के 35 केंद्रों पर रसायन विज्ञान विषय में सहायक प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) पदों के लिए आयोजित स्क्रीनिंग टेस्ट हुए। इसी के बाद परीक्षा में शामिल कुछ परीक्षार्थियों ने आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने जांच का हवाला देते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। आयोग ने बयान जारी करते हुए कहा कि शिकायतों में उल्लेख किया गया है कि पहले से खुली कुछ प्रश्न पुस्तिकाएं परीक्षार्थियों को बांटी गई थीं और उन्हें इस कारण पेपर लीक होने का संदेह है। परीक्षार्थियों से मिली शिकायतों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और विश्वास के उल्लंघन के बारे में भी अपनी चिंता व्यक्त की थी। इसलिए आयोग ने मामले की गंभीरता से जांच कराई। आयोग के मुताबिक, जांच में पाया गया कि सीलबंद बक्सों में प्रश्न पुस्तिकाएं आयोग के कार्यालय से परीक्षा केंद्रों को भेजी गई थीं। प्रश्न पुस्तिकाओं वाले सीलबंद बक्सों को आयोग के प्रतिनिधि की उपस्थिति में केंद्र अधीक्षक के माध्यम से सीसीटीवी कवरेज के तहत परीक्षा केंद्रों के नियंत्रण कक्षों में खोला गया था।
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प्रत्येक पैकेट में थीं 20 प्रश्न पुस्तिकाएं
आयोग ने जांच का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक सीलबंद बक्से में प्रश्न पुस्तिकाओं के सीलबंद पैकेट मिले, प्रत्येक पैकेट में 20 प्रश्न पुस्तिकाएं थीं, प्रत्येक को खोलने पर उस पर गोंद से पूरी सावधानी से चिपकाया गया स्टिकर लगा हुआ पाया गया। इसी के साथ प्रत्येक कक्ष में अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार प्रत्येक निरीक्षक को मिलने वाली प्रश्न पुस्तिकाओं की संख्या 24 थी, ऐसे में 20 पुस्तिकाओं का एक सीलबंद पैकेट और 20 पुस्तिकाओं के दूसरे पैकेट से ली गईं चार पुस्तिकाएं निरीक्षक को बांटी गईं। आयोग की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, गहन जांच के बाद आयोग ने पाया कि परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया आयोग की प्रक्रिया और निर्देशों के अनुसार थी। कुछ मामलों में पहले से खुली प्रश्न पुस्तिकाओं का वितरण केवल पैकेजिंग संबंधी समस्या के कारण किया था। इसके अलावा किसी भी केंद्र अधीक्षक ने भी किसी अप्रिय घटना की रिपोर्ट नहीं की।
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