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Chandigarh-Haryana News: एआई पकड़ेगा ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते

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31 बैंकों में शुरू हुई व्यवस्था, पीएसीएल लिमिटेड मामले में 36 लाख निवेशकों के 3,864 करोड़ रुपये लाैटाए
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर ठगी रोकने के लिए अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बताया गया कि वित्तीय ठगी पर नजर रखने के लिए आरबीआई इनोवेशन हब की ओर से विकसित म्यूलहंटर डॉट एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एआई और मशीन लर्निंग की मदद से ऐसे बैंक खातों की पहचान करने में मदद करती है जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है। यह व्यवस्था देश के 31 प्रमुख बैंकों में लागू हो चुकी है।
बैठक में बढ़ते साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी और इससे बचने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि पीएसीएल लिमिटेड मामले में 36 लाख से अधिक निवेशकों को 3,864 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। इसे निवेशकों के हित में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। बैठक में सचेत पोर्टल की भी जानकारी दी गई। इस पोर्टल पर लोग अनियमित वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी शिकायत कर सकते हैं। इसका नया संस्करण 25 जून 2026 को शुरू हुआ है और यह अब 13 भाषाओं में उपलब्ध है।
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अधिकारियों ने ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर होने वाली ठगी से भी सावधान रहने को कहा। नकली इनाम और पुरस्कार का लालच देकर युवाओं से ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। हरियाणा में अब तक 25 हजार से अधिक वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य तकनीक, जागरूकता और विभागों के बेहतर तालमेल से वित्तीय ठगी पर प्रभावी रोक लगाना है।
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