मिनटों में बताएगा उद्योग के लिए काैन-काैन सी मंजूरियां जरूरी, नियम व प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में भी बताएगा
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल को शामिल किया है। इसका उद्देश्य उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया को सरल, तेज और कम खर्चीला बनाना है। निवेशक अब इन्वेस्ट हरियाणा पोर्टल पर अपनी परियोजना की बुनियादी जानकारी भरेंगे।
एआई तुरंत उसका विश्लेषण करेगा और बताएगा कि कौन सी मंजूरियां आवश्यक हैं। यह संबंधित नियम और राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं भी सुझाएगा। पहले जहां यह जानकारी जुटाने में कई सप्ताह लगते थे, अब यह काम कुछ मिनटों में हो जाएगा। एआई निवेशकों के लिए एक डिजिटल सलाहकार की तरह काम करेगा। इन्वेस्ट हरियाणा सिंगल विंडो पोर्टल पर 140 से अधिक सेवाएं उपलब्ध होंगी। सरकार लैंड फिजिबिलिटी सर्टिफिकेट की नई व्यवस्था भी शुरू करेगी। इससे निवेशकों को जमीन का प्रमाणित विवरण 45 कार्य दिवस के भीतर मिलेगा।
मंजूरी में देरी तो सिस्टम खुद देगा अनुमति
नई नीति में डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान है। यदि कोई विभाग तय समयसीमा में मंजूरी नहीं देता तो स्वचालित मंजूरी जारी हो जाएगी। उद्योगों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि भी समयसीमा में जारी होगी। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के महासचिव राज चावला के अनुसार नई एआई आधारित और सिंगल विंडो व्यवस्था की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। नई प्रणाली से समय, लागत और कागजी कार्रवाई कम होगी तथा निवेशकों को शुरुआत में ही स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।