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राहत: हरियाणा में इस बार कम जली पराली, पिछले वर्ष के मुकाबले 60 फीसदी की कमी, कृषि मंत्री श्याम सिंह का दावा

Sun, 27 Oct 2024 02:21 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हरियाणा में इस बार पराली कम जली है। बीते वर्ष के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है। यह कहना प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा का है। उन्होंने बैठक में यह बात कही है। 
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पराली जलाता किसान। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फसल अवशेष में आगजनी व प्रबंधन की घटनाओं को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में चार राज्यों हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के कृषि मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शनिवार को बैठक हुई। प्रदेश के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने रोहतक से इस बैठक में भाग लिया। इस दौरान सभी चार राज्यों में पिछले वर्ष की तुलना में वर्तमान समय पर फसल अवशेष में आगजनी की घटनाओं के बारे विचार-विमर्श किया गया। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि प्रदेश में पिछले वर्ष के मुकाबले पराली जलाने के मामलों में 60 फीसदी की कमी आई है।

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श्याम सिंह राणा ने बताया कि पराली जलाने के मामलों में कमी आने की मुख्य वजह हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली है। राज्य सरकार द्वारा किसानों को पराली न जलाने बारे ग्राम स्तरीय, खंड स्तरीय, जिला स्तरीय, पाठशाला कार्यक्रमों, प्रिंट मीडिया व सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूक किया गया है। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहन राशि व सब्सिडी पर कृषि यंत्र भी उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने कहा कि वह वे भी एक किसान हैं और उन्होंने स्वयं अपने खेत में पराली को कृषि यंत्रों के माध्यम से मिट्टी में मिलाकर उसका प्रबंधन किया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार पराली जलाने की घटनाओं के बारे में पूरी तरह से सतर्क है। राज्य ने ग्राम स्तरीय, खंड स्तरीय व जिला स्तरीय टीमों के माध्यम से पूर्ण निगरानी रखे हुए हैं। उन्होंने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट को विश्वास दिलाते हुए कहा कि भविष्य में पराली जलाने की घटनाओं पर काबू पाने के लिए कृषि विभाग व जिला प्रशासन के द्वारा और ज्यादा प्रयास किया जाएगा। बावजूद इसके पराली जलाने वाले किसान पर जुर्माना लगाने, एफआईआर दर्ज करवाने के साथ मेरी फसल-मेरा ब्योरा में रेड एंट्री होगी।
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पराली जलाने पर 13 किसानों की रेड एंट्री, 13 नई एफआईआर

 प्रदेश में पराली जलाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद किसानों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। शनिवार को पराली जलाने के 9 नए मामले आए है, जबकि 13 किसानों की रेड एंट्री हुई है। इसके अलावा 13 किसानों की एफआईआर दर्ज की गई है। शनिवार को प्रदेश में पराली जलाने के पांच मामले आए है। अब तक प्रदेश में पराली जलाने के कुल मामले 799 हो चुके हैं, जबकि 432 किसानों की मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री हो चुकी है। ये किसान दो सीजन तक अपना फसल एमएसपी पर मंडियों में नहीं बेच सकेंगे। इसके अलावा कुल 197 किसानों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हो चुका है। 
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पराली जलाने में टॉप पर कैथल

जिला मामले
कैथल 131
कुरुक्षेत्र 94
अंबाला 74
करनाल 74
जींद 51
फतेहाबाद 44
सोनीपत 42
फरीदाबाद 36
पानीपत 29
पलवल 27
यमुनानगर 24
हिसार 20
सिरसा 16
पंचकूला 16
रोहतक 7
झज्जर 2

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