अभय चाैटाला की प्रेस काॅन्फ्रेंस
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इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा विधानसभा के तीन दिवसीय सत्र को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान प्रदेश की जनता की उम्मीदों के विपरीत, मुख्य रूप से 'लोगों की जेबें खाली करने' और 'सुरक्षाकर्मी को कोहनी मारने' जैसे मुद्दों पर ही बहस सिमट गई। चौटाला ने यह भी कहा कि विधायकों को बोलने के लिए केवल दो-दो मिनट का ही अवसर दिया गया, जिसका कोई औचित्य नहीं बनता।
अभय चौटाला ने चिंता व्यक्त की कि हरियाणा की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर पूछे गए सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने शासनकाल की बजाय कांग्रेस के शासनकाल का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने नशे के बढ़ते मामलों के मुद्दे पर भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। चौटाला ने अपने गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि लड़कियों के स्कूल के पास खुलेआम नशे की बिक्री हो रही है। इस संबंध में एसपी को सूचित करने पर उन्हें केवल 'पता करती हूं' का जवाब मिला। उन्होंने पुलिस को एक सप्ताह का समय दिया है कि यदि वे नशा बेचने वालों को नहीं पकड़ते हैं, तो पार्टी आगे की कार्रवाई तय करेगी।
सत्र बुलाने के औचित्य पर प्रश्न
अभय चौटाला ने विधानसभा सत्र बुलाए जाने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विधायकों को बोलने का पर्याप्त अवसर ही नहीं मिला, तो सत्र बुलाने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि इस मामले में वे स्पीकर और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि वे जल्द ही दोनों विधायकों के साथ विधानसभा स्पीकर से मुलाकात करेंगे।