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हरियाणा: अपराध रोकने के लिए हर थाने का बनेगा अलग डेटा, बढ़ते मामलों के तलाशेंगे कारण

Wed, 04 Nov 2026 07:44 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

डीजीपी अजय सिंघल ने बुधवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ये निर्देश दिए।
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पुलिस अधिकारियों की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा पुलिस अब अपराध नियंत्रण के लिए प्रदेश स्तर के आंकड़ों के बजाय हर थाने का अलग रिकॉर्ड खंगालेगी। किस इलाके में किस तरह के अपराध बढ़ रहे हैं, उनके पीछे क्या कारण हैं और किन जगहों पर पुलिस की गश्त बढ़ाने की जरूरत है, इसका विश्लेषण कर रणनीति बनाई जाएगी। 

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डीजीपी अजय सिंघल ने बुधवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में ये निर्देश दिए। इस साल के पहले 10 माह में प्रदेश में कुल अपराध पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 9.41 प्रतिशत घटने का दावा किया गया है। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राकेश आर्य ने थानों के हिसाब से अपराध के बदलते पैटर्न की जानकारी दी। 

डीजीपी ने हत्या, डकैती समेत बढ़ते अपराधों के कारणों की पहचान करने और अपराध के स्थान व प्रकृति के अनुसार पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सभी थानों में सीसीटीवी लगाने और लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिए।

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नाबालिग लड़कियों की तलाश के लिए विशेष टीमें
18 वर्ष से कम उम्र की लापता लड़कियों और कमजोर वर्गों के गुमशुदगी मामलों में विशेष टीमें बनाकर जल्द तलाश करने को कहा। अपराधियों, भगोड़ों (पीओ), बेल जंपरों और मोस्ट वांटेड का डिजिटल डाटा भी जल्द तैयार होगा। आरजेएसएफ यूनिट के सत्यापन और डिजिटलीकरण का काम पूरा करने के निर्देश दिए। 

रात के नाकों पर अधिकारी खुद करेंगे निगरानी
बिना नंबर प्लेट और एचएसआरपी के चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी। पुलिस आयुक्त और आईजी रात की नाकाबंदी की निगरानी करेंगे। रंगदारी की कॉल पर अभेद्य ऐप से मिलने वाले डाटा का तकनीकी विश्लेषण कर एसओपी के अनुसार कार्रवाई होगी।

धरने और एटीएम सुरक्षा पर भी निर्देश
धरना-प्रदर्शनों से निपटने के लिए एसपी पहले से एक्शन प्लान तैयार रखेंगे। एटीएम से छेड़छाड़ या उसे उखाड़ने की कोशिश पर अलर्ट सीधे डायल 112 पर पहुंचेगा। एटीएम कार्ड क्लोनिंग और वित्तीय धोखाधड़ी रोकने के लिए भी डाटा का विश्लेषण किया जाएगा।
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