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Chandigarh-Haryana News: एक सवाल पर आपत्ति के लिए देना होगा 250 रुपये का शुल्क

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हरियाणा लोक सेवा आयोग ने सवालों पर प्रति आपत्ति लगाने के लिए शुल्क तय किया
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चंडीगढ़। हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) की परीक्षाओं में यदि प्रश्नों के उत्तर को लेकर परीक्षार्थियों को कोई आपत्ति है और परीक्षार्थी आपत्ति दर्ज कराते हैं तो 250 रुपये प्रत्येक आपत्ति के लिए शुल्क देना होगा। हाल ही में कुछ परीक्षाओं की आंसर की (प्रश्नों के उत्तर) डालने के बाद शुल्क को लेकर ब्योरा दिया है।
आयोग ने रसायन विज्ञान विषय में सहायक प्रोफेसर (कॉलेज कैडर) के पदों के लिए परीक्षा आयोजित की थी। 29 मई 2025 को आयोजित परीक्षा में शामिल रहे परीक्षार्थियों को आयोग ने दो जून शाम पांच बजे तक पोर्टल पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कहा था, तब आवेदकों को पता चला कि प्रत्येक आपत्ति के लिए आयोग शुल्क लेगा। दरअसल, आयोग ने गलत प्रश्नों और उत्तरों के मानक प्रश्न पुस्तिका और इसकी मानक उत्तर कुंजी अपनी वेबसाइट पर अपलोड की थी।
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निर्धारित अवधि के बाद लिंक भी बंद कर दिया था, हालांकि आवेदकों का कहना है कि शुल्क होना नहीं चाहिए या फिर शुल्क नाममात्र का होना चाहिए। इससे पूर्व में आयोजित हो चुकी इतिहास व दूसरी परीक्षाओं के लिए भी इसी तरह का शुल्क तय था।




आयोग की नीति से खफा अभ्यर्थी, कहा गलती ऊपर से शुल्क भी क्यों दें
यमुना नगर स्थित जगाधरी के अभिनव ने फिजिकल एजुकेशन असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए परीक्षा दी थी। अभिनव के मुताबिक, इस परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया, लेकिन कई परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित नहीं किया। ऐसे में अभिनव के अलावा कुछ दूसरे परीक्षार्थी 30 मई को आयोग के कार्यालय गए, उस दाैरान लिखित में शिकायत मांगी, इसलिए ईमेल के माध्यम से शिकायत भेज दी, मगर अभी तक कोई जवाब नहीं आया। वहीं, रेवाड़ी की नेहा का दावा है कि उन्होंने भी फिजिकल एजुकेशन में परीक्षा दी थी।
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नेहा के मुताबिक, उन्होंने ओबीसी (नाॅन क्रीमी लेयर) में कट ऑफ 63 में से 69.58 अंक पाए, फिर भी उनका चयन असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए नहीं हो सका। इसलिए आयोग में स्वयं शिकायत करने गईं, ईमेल भी किया, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला। ऐसे में नेहा अब वीरवार को आयोग में दोबारा से ईमेल भेजने की बात कही। इनका यह भी कहना है कि किसी प्रश्न पर आपत्ति लगाने के रूप में शुल्क लगाना ठीक नहीं, परीक्षा के बाद विशेषज्ञों से प्रश्न-पत्रों की जांच कराई जाए, जिससे त्रुटियों की संभावना बेहद कम रहे।
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