केंद्रीय एजेंसी आई4सी की मदद से अलर्ट मोड में हरियाणा की साइबर पुलिस
साइबर हमलों की आशंका बढ़ी, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पर 24 घंटे निगरानी
कुलदीप शुक्ला
चंडीगढ़। लगातार हवाई हमले कर रहा पड़ोसी देश पाकिस्तान साइबर वार भी छेड़ सकता है। इस संभावना के मद्देनजर हरियाणा की साइबर पुलिस टीम अलर्ट मोड पर है। केंद्र सरकार के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के साथ मिलकर प्रदेश में होने वाली हर तकनीकी गतिविधि पर साइबर पुलिस की नजर है। सोशल मीडिया पर अफवाह वालों और ऐसे संदेशों की भी निगरानी की जा रही है। साइबर पुलिस रोजाना इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज रही है।
पंचकूला सेक्टर-3 स्थित हरियाणा साइबर पुलिस की डायल 122 के भवन में विभिन्न टेलीकॉम व फिनटेक कंपनियां जैसे गूगल पे, पेटीएम, अमेजन, फोन और विभिन्न बैंक के 15 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनके जरिए सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की संदिग्ध पोस्ट, संदिग्ध व्यक्तियों के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन सहित अन्य तकनीकी गतिविधियों को लेकर साइबर पुलिस सतर्क है।
साइबर समन्वय समिति सक्रिय
आई4सी के निर्देशन में साइबर अपराध से निपटने के लिए गठित उत्तरी जोन के राज्यों की साइबर समन्वय समिति पहले दिन से एक्शन मोड में है। अफवाह फैलाने वाले या किसी तरह की हैकिंग में संलिप्त संदिग्ध लोगों की जानकारी समिति के माध्यम से उत्तर जोन के राज्यों में साझा की जा रही है। उत्तर जोन में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, जम्मू, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ शामिल हैं।
राज्यों को इन बिंदुओं के आधार पर निगरानी के निर्देश
- तनावपूर्ण परिस्थिति में विरोधी देश के हैकर फिशिंग हमले कर सकते हैं, जिसमें वे लोगों को झूठे ईमेल या मैसेज भेजकर उनकी व्यक्तिगत जानकारी चोरी कर सकते हैं।
- ये हैकर मैलवेयर और रैनसमवेयर सॉफ्टवेयर का उपयोग करके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जिसमें सरकारी एजेंसियों, बैंकिंग सिस्टम और ऊर्जा संयंत्रों शामिल हैं, पर हमला कर सकते हैं।
- हैकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी अफवाह वाले बयान, वीडियो या सुनियोजित तरीके से भड़काऊ मैसेज फैलाकर लोगों को गुमराह कर सकते हैं। इससे भी राज्य और देश की सुरक्षा को सीधा खतरा है।
- तनावपूर्ण माहौल में विरोधी देश की तरफ से बिजली-पानी आपूर्ति, यातायात सिस्टम को हैक करके अशांति फैलाने की कोशिश की जा सकती है। इसी तरह सरकारी वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाओं को हैक करके प्रभावित करने का प्रयास कर सकते हैं।