मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक में दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश की 770 गोशालाओं को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार 820 ई-रिक्शा उपलब्ध करवाएगी। इस योजना पर 10.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। चंडीगढ़ में आयोजित हाई पावर्ड परचेज कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम नायब सिंह सैनी ने इसकी मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गोशालाओं में एक हजार तक पशु हैं उन्हें एक ई-रिक्शा दिया जाएगा। एक हजार से अधिक पशुओं वाली गोशालाओं को दो-दो ई-रिक्शा उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश में 553 गोशालाओं में एक हजार से कम पशु, 79 गोशालाओं में दो हजार तक, 20 गोशालाओं में तीन हजार तक, 8 गोशालाओं में चार हजार तक जबकि एक-एक गोशाला में पांच हजार और छह हजार तक पशुधन मौजूद है। बैठक में कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। कैथल शहर की विभिन्न कॉलोनियों में 12.87 करोड़ रुपये की लागत से नई सीवरेज लाइन बिछाने के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। यह परियोजना वर्ष 2042 तक की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। खेदड़ स्थित वाटर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के उन्नयन और नए आरसीसी टैंक के निर्माण को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना पर लगभग 27.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
गुरुग्राम में एक हजार एमएलडी क्षमता का दूसरा जलघर बनेगा
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण के अंतर्गत बसई गांव में 1000 एमएलडी क्षमता का दूसरा जलघर बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 149 करोड़ रुपये खर्च होंगे। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण क्षेत्र में यमुना नदी के जलभराव वाले इलाकों, विशेषकर मंझावली और मोठूका के आसपास लगभग 164.75 करोड़ रुपये की लागत से 10 एमएलडी क्षमता के पांच रेनीवैल ट्यूबवेल लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 380.40 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के टेंडर 363.82 करोड़ रुपये में जारी किए गए हैं जिससे करीब 16.58 करोड़ रुपये की बचत हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए।