तबादले न होने से शिक्षकों में नाराजगी, हसला ने दी आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 31000 से अधिक शिक्षकों के पद खाली होने से शिक्षा व्यवस्था चरमराई हुई है। 1,23,061 स्वीकृत पदों में से केवल 91,281 पर ही शिक्षक तैनात हैं जबकि बाकी पद खाली हैं। सबसे अधिक रिक्तियां टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक अध्यापक) और पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) श्रेणी में हैं। केवल पीजीटी (कंप्यूटर साइंस) में ही 1800 से ज्यादा पद खाली हैं। अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे मुख्य विषयों में सैकड़ों स्कूल बिना स्थायी शिक्षकों के चल रहे हैं। विभाग फिलहाल 10,899 गेस्ट टीचराें के भरोसे स्कूलों को चला रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा है।
इधर, लंबे समय से तबादलों की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु के मुताबिक तीन साल से तबादले न होने के कारण शिक्षकों और छात्रों दोनों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। शिक्षा मंत्री ने तबादले जल्द करवाने का वादा किया था लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हुआ। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर विभाग ने नवंबर के दूसरे सप्ताह तक तबादला मुहिम शुरू नहीं की तो 15 नवंबर के बाद राज्यभर में आंदोलन शुरू किया जाएगा। सिंधु ने कहा कि शिक्षक विभागीय वादों से थक चुके हैं।