-वृक्षों की कटाई के मामले में डीएलएफ ने हाईकोर्ट में दी जानकारी
-हाईकाेर्ट ने प्रोजेक्ट लाइसेंस समेत अन्य दस्तावेज पेश करने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। डीएलएफ गुरुग्राम हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए वृक्षों की कटाई के मामले में हाईकोर्ट की ओर से लिए गए संज्ञान पर सुनवाई के दौरान डीएलएफ ने बताया कि प्रोजेक्ट के लिए 2788 वृक्षों की कटाई का काम पूरा किया जा चुका है। नियम के अनुसार एक वृक्ष काटने पर तीन गुना पौधे लगाने होेते हैं, लेकिन डीएलएफ दस गुना यानी 28000 पौधे लगाएगा, जिसका काम शुरू किया जा चुका है। हाईकोर्ट ने अब डीएलएफ को लाइसेंस समेत इस मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सौंपने का आदेश दिया है।
शुक्रवार को सुनवाई आरंभ होते ही वन विभाग ने हलफनामा दाखिल करते हुए बताया कि डीएलएफ ने जनवरी में वृक्षों की कटाई के लिए आवेदन किया था। इसके बाद एक टीम का गठन कर मौके पर निरीक्षण किया गया। टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी और इस पर विचार करने के बाद कटाई की मंजूरी दे दी गई।
डीएलएफ की ओर से बताया गया कि वह पर्यावरण के लिए बेहद सजग हैं और अभी तक 1.4 लाख वृक्ष लगाए जा चुके हैं। पर्यावरण के क्षेत्र में काम के लिए उन्हें कई अवॉर्ड मिल चुके हैं। उन्हें हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए लाइसेंस 1995 में मिला था और यह 2029 तक वैध है। कोर्ट को बताया गया कि भूमि पर अधिकांश वृक्ष कीकर के हैं और यह पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। केंद्र सरकार भी राज्य सरकारों को इनके स्थान पर अन्य वृक्ष लगाने को कह चुकी है।
सुनवाई के दौरान अन्य पक्षकारों ने वृक्षोें की कटाई का विरोध करते हुए कहा कि शहर में पहले ही हरियाली कम है और वृक्षों की कटाई करके शहर के फेफड़ों को हटाया जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि पूरा मामला वन विभाग से जुड़ा है। कोर्ट ने पक्षकारों की प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की लगातार मांग पर कहा कि हमने संज्ञान लिया है, इसका मतलब यह नहीं कि याचिका को मंजूर ही किया जाएगा।