हरियाणा में 4.64 लाख स्ट्रीट डॉग, तीन साल में 1.39 लाख लोगों को कुत्तों ने काटा
स्वास्थ्य विभाग की उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति की बैठक में लिए गए कई फैसले
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में कुत्ते के काटने (डाॅग बाइट) के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार ने एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग करीब 12.10 करोड़ रुपये की एंटी-रेबीज वैक्सीन खरीदेगी। केंद्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक हरियाणा में साल 2022 में 35,837, 2023 में 42,690 और 2024 में 60,417 कुत्ते के काटने के मामले दर्ज किए गए।
इन तीन वर्षों में कुल 1,38,944 मामले सामने आए, यानी इस अवधि में हर साल औसतन 46,315 केस दर्ज हुए। इस हिसाब से प्रदेश में रोजाना औसतन करीब 127 लोग डॉग बाइट का शिकार हुए। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की अध्यक्षता में हुई विशेष उच्च अधिकार प्राप्त खरीद समिति की बैठक में एंटी-रेबीज वैक्सीन खरीदने को मंजूरी दी गई। हरियाणा में करीब 4.64 लाख स्ट्रीट डॉग हैं।
80 करोड़ की आयुष दवाएं खरीदी जाएंगी
सरकारी आयुष केंद्रों में इलाज कराने वाले मरीजों के लिए करीब 80 करोड़ रुपये की आयुष दवाओं की खरीद को भी मंजूरी दी गई है। टीबी की जल्द और सटीक जांच के लिए एक लाख माइक्रो पीसीआर टेस्ट किट खरीदी जाएंगी। इनकी अनुमानित लागत 6.72 करोड़ रुपये है। ऑक्सीजन प्लांट्स के सुचारु संचालन व रखरखाव के लिए 8.55 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया। सिविल अस्पताल करनाल में पीपीपी मोड के तहत सीटी स्कैन व एमआरआई स्कैन सेवाओं की दरें भी तय की गईं।
रक्तदान को मिलेगा बढ़ावा, खरीदी जाएंगी नौ ब्लड डोनेशन वैन
रक्त की उपलब्धता बढ़ाने के लिए जिला अस्पतालों के लिए 9 ब्लड डोनेशन वैन का दो साल का रेट कॉन्ट्रैक्ट भी तय किया गया है। इन पर करीब 4.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन वैन के जरिए अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर आयोजित किए जा सकेंगे। दवाओं और टीकों के सुरक्षित भंडारण के लिए 274 रैक की व्यवस्था की जाएगी जबकि अस्पतालों में बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए 9 डीजल जनरेटर सेट लगाए जाएंगे।