मानवाधिकार आयोग ने शिक्षा विभाग से मांगी रिपोर्ट, स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण की होगी जांच
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गोहाना के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं और स्कूल की जमीन पर कथित अतिक्रमण की शिकायतों की जांच होगी। हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने विद्यार्थियों की 104 शिकायतों को एक साथ लेते हुए शिक्षा विभाग और सोनीपत प्रशासन से स्कूल का मौके पर निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। विद्यार्थियों ने स्कूल में खेल मैदान नहीं होने, कक्षाओं में पर्याप्त जगह और हवा-रोशनी की कमी, प्रयोगशाला व खेल सुविधाएं नहीं होने और परिसर के आसपास कथित अतिक्रमण की शिकायत की है। उन्होंने अतिक्रमण हटाकर स्कूल के लिए उपलब्ध जमीन पर भवन और खेल मैदान विकसित करने की मांग की है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने कहा कि बच्चों के शिक्षा के अधिकार के लिए सुरक्षित और पर्याप्त स्कूल सुविधाएं जरूरी हैं। हालांकि शिकायतों में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। आयोग ने शिक्षा विभाग को स्कूल का भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसमें स्कूल के नाम दर्ज कुल जमीन, उसकी मौजूदा स्थिति, खेल मैदान, कक्षाओं की संख्या और आकार, हवा-रोशनी, प्रयोगशाला, खेल सुविधाएं, शौचालय, पेयजल और विद्यार्थियों की संख्या का ब्योरा देना होगा।
स्कूल से जुड़ी बताई जा रही 3.5 एकड़ जमीन के स्वामित्व और उपयोग की भी जांच होगी। अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि यह जमीन स्कूल भवन या खेल मैदान के लिए निर्धारित है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई चार नवंबर को होगी। संबंधित अधिकारियों को सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले रिपोर्ट आयोग में जमा करनी होगी।
जमीन पर कब्जा मिला तो कार्रवाई की रिपोर्ट
सोनीपत के उपायुक्त को राजस्व और स्थानीय अधिकारियों के माध्यम से जमीन के स्वामित्व और कथित अतिक्रमण का सत्यापन कराने को कहा गया है। अतिक्रमण मिलने पर उसे हटाने के लिए प्रस्तावित कार्रवाई का ब्योरा भी आयोग को देना होगा। इसके अलावा स्कूल भवन, कक्षाओं, प्रयोगशाला, कार्यशाला, खेल मैदान और आसपास की जमीन के हालिया फोटो और साइट प्लान भी रिपोर्ट के साथ देने होंगे। स्थायी व्यवस्था होने तक विद्यार्थियों के लिए खेल और अन्य जरूरी सुविधाओं की अस्थायी व्यवस्था की जरूरत है या नहीं, यह भी बताना होगा।