प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली को लेकर अनिल विज ने 2 फरवरी को कहा था कि उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उन पर दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज है। वह महिलाओं की मीटिंग किस तरह ले सकते हैं। सोनीपत के गोहाना में उन्होंने कहा था, हम तो महिलाओं को 30 प्रतिशत तक बढ़ा रहे हैं, ऐसे में धारा-376 का आरोपी प्रदेशाध्यक्ष नहीं रह सकता। हमारे बड़े-बड़े नेताओं पर भी आरोप लगे थे। आडवाणी पर भी आरोप लगे थे, उनका नाम आया था और उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था। बड़ौली उनसे बड़े तो नहीं हैं। उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए।
उड़न खटोले पर नायब सैनी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को लेकर अनिल विज ने 31 जनवरी को अंबाला में कहा था कि जिन लोगों ने मुझे चुनाव हराने की कोशिश की, चाहे वह अधिकारी थे, कर्मचारी थे या छुटभैये नेता थे, मैंने उन सबके बारे में लिखकर दिया। 100 दिन हो चुके हैं, इस मामले में न तो मुझसे पूछा गया, न ही कोई कार्रवाई हुई। मुझे शक था कि मुझे हराने के लिए किसी बड़े नेता के द्वारा यह काम किया गया है। हमारे मुख्यमंत्री, जब से सीएम बने हैं तब से उड़नखटोले पर ही हैं। नीचे उतरें तो जनता के प्रति देखें। ये मेरी आवाज नहीं है, सारे एमएलए सारे मंत्रियों की आवाज है।