दोनों के परिजन खिलाफ थे, मगर शादी करना चाहते थे, सनातन धर्म चेरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय में हिन्दू विवाह अधिनियम 1955 के तहत उनका अंतरजातीय विवाह करवा दिया गया।
ट्रस्ट के प्रधान संजय चौहान ने बताया कि लड़का-लड़की प्रेम विवाह करना चाहते थे, लेकिन लड़की के परिजन इससे खिलाफ थे। कार्यालय में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार उनका विवाह संपन्न करवाया।
चौहान ने बताया कि ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य ऑनरकिलिंग को रोकना और प्रेम विवाह के चलते ऑनरकिलिंग का शिकार होने वाले प्रेमी जोड़ों को सुरक्षा मुहैया करवाना है।
जिन प्रेमी जोड़ों को अपनी सुरक्षा का डर है, उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करवाने में ट्रस्ट सहयोग कर रहा है।
ऑनरकिलिंग को रोकने के लिए ट्रस्ट ने 1 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है। इसके अलावा इसकी सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।