हरियाणा में बेरोजगार कला अध्यापक समिति के आह्वान पर सोमवार को अध्यापकों ने मोटरसाइकिल रैली निकाली। रैली का नेतृत्व समिति प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप रानीला ने किया। रैली जींद से शुरू होकर महम चौबीसी के चबूतरे से होती हुई स्थानीय नेहरू पार्क पहुंची। भिवानी पहुंचने पर यात्रा का स्वागत किया गया।
रानीला ने बताया की यात्रा का मुख्य उद्देश्य 15 हजार कला अध्यापकों की मांगों को सरकार तक पहुंचाना था। उन्हाेंने बताया कि प्रदेश को शिक्षा का हब बताने वाली सरकार ने शिक्षा को खत्म कर शिक्षकों को बेघर कर दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की असली धरोहर बैंकों में नहीं स्कूलों में है।
इसलिए सरकार को चाहिए की शिक्षा प्रणाली में सुधार हो। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 15 हजार बेरोजगार कला अध्यापकों पर 11 जुलाई 2012 को जो नई नियमावली लागू की गई है उससे कला अध्यापकों में रोष है। उन्होंने कहा की ड्राइंग डिप्लोमा धारकों की नियमों के आधार पर ही भर्ती होनी चाहिए।
कला विषय को पहली से बाहरवीं तक निजी, सरकारी स्कूलों में अनिवार्य विषय घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को लेकर कला अध्यापक वर्षों से लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन सरकार ने अनदेखी करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सरकार का यही रवैया रहा तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
रानीला ने कहा कि सोनीपत रैली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामबिलास शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार बनी तो पहली कलम से शिक्षा की प्रणाली में सुधार किया जाएगा।
इस मौके पर रविंद्र उचाना, बजरंग मड्डू, दर्शन, सुखबरा, मा. सुशील मलीक, दीपक सामण, मनीष वर्मा, सुखेंद्र सादीपुरा, कृष्ण दिणोदा, मा. सुखबीर बीबीपुर, अरुण टोहाना, रामभज खटकड़, विकाश मोहर, कमल गुजराणी, दिनेश जागलान, अनिल, सरोज बेनीवाल मौजूद थे।