भिवानी। अब एकल सदस्य वाले परिवार का भौतिक सत्यापन जोनल रिसोर्स इन्फॉर्मेशन मैनेजर (जेड क्रीड) और बीएलओ के माध्यम से कराया जाएगा। इस दौरान एकल सदस्य वाले परिवार की पुष्टि होने पर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट क्रीड को दी जाएगी। परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी या पीपीपी) में छोटे बच्चों के नाम ऑनलाइन विलय करने का विकल्प भी खुल गया है, जबकि वयस्क लोगों के नाम के विलय का विकल्प अगले माह प्रथम सप्ताह में खुलेगा।
जिले में करीब साढ़े सात लाख परिवारों की पीपीपी बन चुकी है। जिन पीपीपी में केवल एक ही सदस्य शामिल है, उन फैमिली आईडी का भौतिक सत्यापन अब मानव सूचना एवं संसाधन विभाग (क्रीड) कार्यालय से कराया जाएगा। इसमें जेड क्रीड की टीम और बीएलओ इसका भौतिक सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट क्रीड को भेजेंगे।
तभी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाएगा। अगर कोई एकल सदस्य गलत तरीके से फैमिली आईडी का लाभ ले रहा है तो भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट के बाद उस सदस्य को योजनाओं के लाभ से भी वंचित रहना पड़ेगा। संवाद
क्रीड से संपर्क करें लिखा पीपीपी भी अब होगा दुरुस्त
जिन पीपीपी में क्रीड से संपर्क करें लिखा है, उनकी गलतियों को भी अब कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) से भी सुधारा जा सकेगा। पहले एक पीपीपी में 65 से 800 तक सदस्य दर्शाए गए थे, जबकि इन सदस्यों की संख्या भी प्रमाणित नहीं थी। ऐसे में इन्हें संदिग्ध और अवैध गतिविधियों से जुड़ा मानकर बंद कर दिया गया था लेकिन अब इसका विकल्प खुल गया है। अगर किसी परिवार में ज्यादा सदस्य हैं और उस पर क्रीड से संपर्क करें लिखा है तो उन्हें भी अब सीएससी से दुरुस्त कराया जा सकेगा।
क्रीड पंचायत लोकल ऑपरेटरों को मिला तीन माह का वेतन
गांवों में पीपीपी से जुड़ी समस्याएं सुलझाने और सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन दर्ज कराने के लिए क्रीड पंचायत लोकल ऑपरेटर (सीपीएलओ) नियुक्त किए गए थे लेकिन काफी अर्से से इनका वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा था। ये कर्मचारी अपनी नियुक्ति के बाद से ही वेतन की बाट जोह रहे थे लेकिन अब जनवरी से मार्च तक के इनके वेतन का भुगतान कर दिया गया है।
क्रीड ने पीपीपी में कई विकल्प खोल दिए हैं। इसके बाद पीपीपी से जुड़ी समस्याएं सीएससी पर जाकर दुरुस्त कराई जा सकेंगी। इसके बावजूद कुछ विकल्प अब भी बंद हैं, जिनके अगले माह प्रथम सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। पीपीपी में एकल सदस्य की जांच के लिए कई टीमों की ओर से भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। -संदीप कुमार, जोनल मैनेजर, परिवार पहचान पत्र, भिवानी।