सीबीएलयू में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते केबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी। सूचना विभाग
भिवानी। प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि बिरसा मुंडा ने न केवल आदिवासी समाज को बल्कि जनमानस को जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए जागृत करने का काम किया। वे महज 25 साल की उम्र में समाज में बहुत बड़ी चेतना लाने का काम कर गए। आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित जीवन देने के लिए प्रकृति को बचाना जरूरी है। हमें अपनी संस्कृति और विरासत को बचाना है। इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा।
बेदी वीरवार को बिरसा मुंडा जयंती के उपलक्ष्य में चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता आए इसके लिए हमें संत और वीर-महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेनी जरूरी है। इसी के चलते संत-महापुरुषों की जयंती पर सरकारी तौर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। बिरसा मुंडा ने प्रकृति को बचाने को लेकर समाज में नई अलख जगाने का काम किया। उनकी सोच को आगे बढ़ाना व जिंदा रखना जरूरी है।
कार्यक्रम को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सतीश नांदल और जिला भाजपा प्रभारी रेनू डाबला ने भी संबोधित किया। इस दौरान एसडीएम महेश कुमार, कार्यक्रम जिला संयोजक प्रदीप प्रजापति, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मीना परमार व संदीप श्योराण, जिला महामंत्री रमेश पचेरवाल व रेखा राघव मौजूद रहे।
बिरसा मुंडा के जीवन से लें प्रेरणा
मंत्री ने कहा कि आधुनिकता के दौर में अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। हमें प्रकृति के दोहन को रोकना होगा। केंद्रीय विश्वविद्यालय महेंद्रगढ़ से प्रो. राजेंद्र प्रसाद मीणा ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अनेक यातनाएं झेली, लेकिन प्राणी मात्र के लिए अपने प्राण कुर्बान किए। उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि बिरसा मुंडा के जीवन से प्रेरणा लें। कार्यक्रम में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति धर्माणी ने अतिथियों का स्वागत किया।