लोहारू रेलवे स्टेशन पर एक रेलयात्री द्वारा चौकी इंचार्ज द्वारा युवक को धकेलते हुए लिया गया फोटो
लोहारू। मंगलवार को लोहारू रेलवे स्टेशन पर जीआरपी चौकी इंचार्ज का चाय की रेहड़ी लगाने वाले युवक की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वहीं अनेक रेल यात्रियों ने इस घटना को पूरे तरीके से चौकी इंचार्ज की दादागिरी बताया हैं। जबकि चौकी इंचार्ज ने सरकारी कार्य में बाधा और वर्दी फाड़ने का मामला बताकर युवक आशीष के खिलाफ आईपीसी की कई धाराओं के तहत मुकदमा कर लिया है। घायल युवक आशीष भिवानी के सामान्य अस्पताल में उपचाराधीन है। वहीं कई संगठनों के लोगों ने इस मामले में जांच कर चौकी इंचार्ज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बारे में शहर के सुभाष ढाणी निवासी आशीष ने बताया कि उसके दादा ठेकेदार रामकरण ने करीब 1985-86 रेलवे स्टेशन पर चाय की रेहड़ी लगानी शुरू थी और वह अब अपने पिता के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय की रेहड़ी लगाता है। इतने वर्षों के दौरान उनकी कोई शिकायत नहीं हैं।
आशीष ने बताया कि उसके साथ कुछ युवकों ने तीन-चार दिन पहले मारपीट की थी और इसकी शिकायत उन्होंने जीआरपी चौकी इंचार्ज बलवंत सिंह को दी थी। मंगलवार को उसने सिर्फ उस शिकायत पर कार्रवाई करने और चौकी के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के बारे में कहा था ताकि मारपीट करने वाले युवकों की पहचान हो सके। लेकिन इतनी बात पर ही चौकी इंचार्ज बलवंत सिंह भड़क उठे।
आरोप है कि चौकी इंचार्ज ने जातिसूचक गालियां देने के साथ ही उसे जबरदस्ती चौकी की बैरक में ले गए और लात घूसों से पिटाई शुरू कर दी। इतने में वहां मौजूद सवारियों ने न केवल घटना का वीडियो बना लिया बल्कि बैरक में घुसकर चौकी इंचार्ज की पिटाई से भी बचाया। एक रेलयात्री ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया, जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर लगने वाली सभी चाय की रेहड़ी और रेलवे स्टेशन के बार खड़े होने वाले वाहनों के मालिकों से मंथली वसूली जाती है। यह मामला मंथली को लेकर भी हो सकता है। यहीं नहीं उक्त चौकी इंचार्ज का ऐसा ही एक मामला पहले भी उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुका है। इसमें बाद में सुलह हो गई थी। बहरहाल इस घटना के बाद से दलित समाज के लोगों में प्रशासन के प्रति भारी रोष देखने को मिल रहा है तथा लोगों ने पीड़ित युवक को न्याय दिलाने की मांग की है।
बदतमीजी की और वर्दी फाड़ दी
चौकी इंचार्ज बलवंत सिंह ने युवक के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि युवक आशीष ने रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान उनके साथ बदतमीजी की और उनकी वर्दी फाड़ दी। उन्होंने जातिसूचक शब्द बोलने के आरोपों से इन्कार कर दिया और कहा कि वह युवक अब अपने बचाव में अनावश्यक आरोप लगा रहा है।