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संतों की वाणी को अपनाने से पवित्र हो जाएगा आपका जीवन : कंवर महाराज

Sun, 19 Nov 2023 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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सत्संग में प्रवचन करते संत कंवर महाराज
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भिवानी। राधा स्वामी दिनाेद के संत कंवर महाराज ने कहा कि संतों की वाणी को पढ़ना और याद कर लेना तथा उनकी शिक्षाओं को दूसरों को समझाना, यह वास्तविक ज्ञान नहीं है। असली ज्ञान तो उनके उपदेशों का अनुसरण करने से प्राप्त होता है। जब आप उनकी हिदायतों को अपनाएंगे, तब उनका ज्ञान आप में स्वत: ही प्रकट हो जाएगा। संतों की वाणी को अपनाने से आपका जीवन पवित्र हो जाएगा और सभी पाप कर्म दूर हो जाएंगे। यही सच्ची भक्ति है। जब आप खोटे, बुरे और पाप कर्मों से मुक्त हो जाएंगे और आपका हृदय शुद्ध व पवित्र हो जाएगा तभी उसमें परमात्मा का निवास हो सकेगा।
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राधा स्वामी दिनाेद के संत कंवर महाराज ने गांव दिनाेद आश्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं काे फरमाते हुए कहा कि आप सबके सामने भक्त बनकर फिरते हैं, कहते हैं कि आपने गुरु मंत्र लिया है, नाम जपा है, लेकिन फिर भी यदि आप कहते हैं कि आप दुखी हैं या तकलीफ में हैं तो यह समझिए आपने अपने कर्मों में सुधार नहीं किया है। जिन कर्मों में आप पहले लिप्त थे उन्हीं में अभी भी फंसे हुए हैं और उनमें कोई सुधार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि जिसने शरीर धारण किया है उसे दुख-सुख का अनुभव तो जीवन भर होता रहेगा। जिसने अपना मन प्रभु की भक्ति में लगा दिया है, वह इन सबसे मुक्त हो जाता है। क्योंकि उसका ध्यान प्रभु या गुरु में लगा हुआ है इसलिए उसे किसी भी चीज का फर्क नहीं पड़ता। आपने भी ध्यान लगाया है परंतु वह दुनियादारी की चीजों में लगा हुआ है। संत कंवर महाराज ने बताया कि अपने ध्यान को सत्कर्मों में लगाने का मार्ग सीखो। इस मानव जीवन को प्राप्त करके यदि आप परमात्मा की पहचान नहीं करते और भक्ति के पथ पर नहीं चलते, तो समझिए कि जीवन व्यर्थ गया है। किसी को दुख न दें, सभी से मधुर भाषा में बात करें, ईमानदारी से कमाई करें, अपनी कमाई से जीवन यापन करें और किसी अन्य की कमाई या चीजों की लालसा न करें।
उन्होंने कहा कि ये शिक्षाएं अपनाने पर आपके कर्म उत्तम होते चले जाएंगे और आपके मन में ज्ञान की गंगा प्रवाहित होगी। जो आपके जन्म-जन्मांतर के सारे पापों का नाश कर देगी। पाप कर्मों से मुक्ति मिलने पर ही सच्ची भक्ति का उदय होता है।
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