नया बाजार से सराय चौपटा मार्ग स्थित सड़क पर लगे कूड़े के ढेर के पास से गुजरते राहगीर। संवाद न्यूज
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नगर परिषद सफाई कर्मचारी एक बार फिर से लगातार तीन दिन की काम छोड़ हड़ताल पर जाएंगे। तीन दिनों तक शहर से कूड़े का भी उठान नहीं होगा और बारिश और उमस के मौसम में गंदगी उठान नहीं होने से हालात फिर बिगड़ेंगे। नप कर्मचारियों ने छह, सात और आठ जुलाई को लगातार तीन दिन काम छोड़ हड़ताल का ऐलान किया है। भिवानी नगर परिषद के अंतर्गत 160 कच्चे और 140 पक्के सहित करीब 300 से अधिक सफाई और कार्यालय कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। तीन दिन तक हड़ताल का एलान किए जाने के बाद नगर परिषद प्रशासन भी कूड़ा उठान की वैकल्पिक व्यवस्था कराने में जुटा है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रांतीय सचिव पुरुषोत्तम दानव ने बताया कि प्रदेश सरकार से नप कर्मचारी लंबे अर्से से मांग करते आ रहे हैं। लेकिन अभी तक सफाई कर्मचारियों की कोई मांग पूरी नहीं हुई है। इसी को लेकर पहले भी 23 व 24 जून को नप कर्मचारी दो दिन की भूख हड़ताल कर चुके हैं। इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया तो 27 से 30 जून तक सामूहिक अवकाश लेकर तीन दिन तक कर्मचारी आंदोलन किया। मगर फिर भी सरकार नहीं मानी। अब फिर से तीन दिन सभी नप कर्मचारी पूर्णरूप से हड़ताल करेंगे और शहर भर से कूड़े का उठान नहीं किया जाएगा। इस हड़ताल में कच्चे कर्मचारी व ठेकेदार के कर्मचारी भी शामिल होंगे। कई दूसरे जिलों में हड़ताल में फायर विभाग के कर्मचारी भी शामिल होंगे। गौरतलब होगा कि शहर भर के 31 वार्डों से रोजाना करीब दस टन सूखा और गीले कचरे का उठान होता है। इसके अलावा वार्डों में डोर टू डोर टीपर ऑटो से भी कचरा उठाया जा रहा है। एक दिन शहर से कचरे का उठान नहीं होने की सूरत में कई जगह गंदगी के सड़कों पर भी ढेर लग जाते हैं। नप कर्मचारियों की हड़ताल के अल्टीमेटम ने शहरवासियों की समस्याएं भी बढ़ा दी हैं।