फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कपड़े धोते समय जलघर के टैंक में गिरा मजदूर, गोताखोर ने सात घंटे में निकाला

विज्ञापन
पुराने जलघर में व्यक्ति के डूबने की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस व गोताखोर टैंक में शव की तलाश कर? - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। पुराना जलघर के टैंकों के समीप कपड़े धौते समय पैर फिसलकर टैंक में गिरे मजदूर का सात घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस के गोताखोर ने शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान गांव कोहाड़ निवासी 38 वर्षीय विक्रम के रूप में हुई है।
विज्ञापन

सिविल लाइन थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहीं शव का सोमवार सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
प्रत्यक्षदर्शी गौरीपुर निवासी 40 वर्षीय संदीप ने बताया कि रविवार सुबह करीब 11 बजे उसके चार साथी राहुल, जयपाल, जयपाल सिंह, विक्रम यहां नहाने और कपड़े धोने के लिए आए थे। वे सभी मेहनत मजदूरी करते हैं। रविवार को मजदूरी का काम नहीं मिला था। इसलिए सुबह टैंक के पास नहाने और कपड़े धोने के लिए आए थे। संदीप ने बताया कि विक्रम को तैरना नहीं आता था। वह टैंक के बाहर जहां से टैंक में पानी जा रहा था वहां पर बैठकर अपने कपड़े धो रहा था। कपड़े धोने के लिए उसने संदीप से दस रुपये साबुन लाने के लिए भी मांगे थे। जैसे ही वह टैंक के समीप पहुंचा तो टैंक के अंदर जा रहे पानी के बहाव और फिसलन की वजह से वह गहरे पानी में जा गिरा। संदीप ने उसे बचाने की कोशिश की। इस दौरान विक्रम के नाखून से खरोंच के निशान भी उसे लगे। मगर वह उसे नहीं बचा पाया। मामले की सूचना सिविल लाइन पुलिस थाने में दी। सिविल लाइन पुलिस से एएसआई नसीब सिंह मौके पर पहुंचे। वहीं पुलिस के गोताखोर एचसी राजेश ने करीब शाम छह बजे गहरे टैंक के पानी से शव को बाहर निकाला।
मृतक की पत्नी पूनम ने बताया कि वह अपनी दो बेटियों के साथ मायके गई हुई थी। उसके पिता की तबीयत खराब थी। विक्रम शहर में मेहनत मजदूरी करता और जहां मन करता वहीं सो जाता था।
विज्ञापन

गोताखोर ने निकाला शव
पुलिस के गोताखोर की मदद से शाम तक शव को टैंक से बाहर निकाला गया। सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

- नसीब सिंह, जांच अधिकारी, सिविल लाइन पुलिस थाना भिवानी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें