भिवानी। दिसंबर में भिवानी जिला बार का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। ऐसे में बार चुनावों के लिए अभी से सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हालांकि बार चुनावों में अधिकांश बड़े वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, जिनमें उपभोक्ता फोरम को जिला न्यायालय परिसर में स्थापित कराना, नए चैंबर्स का निर्माण व अलग से पार्किंग सुविधा मुहैया कराना शामिल है।
वहीं बार का कार्यकाल एक साल के बजाए दो साल तक कराए जाने का मामला भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जिस पर 12 दिसंबर को सुनवाई भी होनी है। ऐसे में दिसंबर के बाद भी बार चुनावों के लटकने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।
भिवानी जिला बार में 2850 अधिवक्ता पंजीकृत हैं, इसमें से अधिकांश युवा अधिवक्ता भी जुड़े हैं। ऐसे में न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए नए चैंबर्स का निर्माण बेहद जरूरी हो गया है। बार चुनावी एजेंडे में भी इन मांगों को मुखर किया गया था। लेकिन ये मांग अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। हालांकि बार की तरफ से इनके संबंध में जरूरी प्रक्रियाएं भी अपनाई गईं। मगर इन्हें अभी तक लंबित ही रखा गया है।
दिसंबर में भिवानी बार का कार्यकाल पूरा होने के बाद नए चुनाव के लिए भी अधिवक्ताओं के बीच सुगबुगाहट तेज हो गई है। इस बार चुनावी मैदान में कौन-कौन कूदेगा, किन नए चेहरों के आने की उम्मीद बनेगी, इस पर अब चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पिछले चार सालों से एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया ही बार चुनाव में विजेता बनते आ रहे हैं।
भिवानी बार चुनाव का कार्यकाल दो साल तक बढ़ाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जिस पर 12 दिसंबर को सुनवाई होनी है। इसके अलावा भिवानी बार में बड़ी मांग और मुद्दों को लेकर मेरी तरफ से पूरा प्रयास किया गया है। नए चैंबर्स निर्माण के संबंध में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को भी सेशन जज की तरफ से पत्र लिखा जा चुका है। जबकि उपभोक्ता फोरम कार्यालय को भी जिला न्यायालय परिसर में लाने की पुरजोर कोशिश चल रही है।
- एडवोकेट सत्यजीत पिलानिया, अध्यक्ष, बार एसोसिएशन भिवानी।